January 26, 2026

Jaunpur news अमान्य रूप से चल रहे मदरसे को कराया बन्द

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रिपोर्ट इंद्रजीत सिंह मौर्य

अमान्य रूप से चल रहे मदरसे को कराया बन्द

बिना मान्यता के स्कूल व मदरसों पर डीएम ने कसी नकेल

आधा दर्जन मदरसे चिन्हित, दो को दी गई नोटिस

Jaunpur news जौनपुर। बिना मान्यता के अवैध रूप से संचालित होने वाले मदरसों के खिलाफ डीएम डॉ दिनेश चंद्र ने नकेल कस दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ गोरखनाथ पटेल द्वारा बनाई गई टीम ने मंगलवार को सिरकोनी ब्लाक क्षेत्र में ऐसे ही एक मदरसे को बंद कर दिया गया है। साथ ही आधा दर्जन मदरसों को चिन्हित करते हुए दो को नोटिस भी दी गई है।
शासन के निर्देश पर जिले में शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है।

सिरकोनी ब्लाक के गोपालपुर गांव में संचालित हो रहे एक अमान्य मदरसे को मंगलवार को खण्ड शिक्षा अधिकारी ने पहुंच कर बन्द करा दिया। साथ ही अटैचमेन्ट प्रदान करने वाले मूल मदरसा को भी नोटिस पकड़ा दिया।
बीएसए डॉ श्री पटेल के निर्देशन पर सिरकोनी विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी अमरेश कुमार सिंह को सूचना मिली कि गोपालपुर गांव में मदरसा चश्मे हयात के नाम से एक अमान्य विद्यालय संचालित हो रहा है। यहां मानक के अनुरूप आरसीसी लिंटर्ड बिल्डिंग और ना ही सीसीटीवी कैमरा युक्त हाल और न ही प्रशिक्षित शिक्षक है। बिना किसी प्रपत्र के चल रहे इस फर्जी मदरसे पर कार्रवाई के लिए मुख्यालय से अधिकारियों की टीम पहुंची तो हड़कंप मच गया।
टीम ने विद्यालय पर पहुंच कर मदरसे के संचालन की मान्यता कॉपी अग्निशमन यंत्र के साथ ही बच्चों के खेलकूद से जुड़े सभी प्रपत्र मांगा तो संचालक महोदय कुछ नहीं दिखा सके।
बहुत कहने पर संचालक द्वारा बताया गया कि वह इस मदरसे को जलालपुर ब्लाक के रेहटी स्थित एक मदरसे से अटैचमेन्ट करके चला रहे हैं।
अधिकारियों ने तत्काल मौके पर ही उस मदरसे को बन्द करा दिया।
साथ ही अटैचमेन्ट देने वाले वाले जलालपुर के रेहटी स्थित मूल मदरसा चश्मे हयात को भी नोटिस पकड़ा दिया गया।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अमरेश कुमार सिंह ने बताया कि नोटिस का उलघंन करने पर सम्बन्धित विद्यालय के खिलाफ एक लाख तक का जुर्माने का भी प्राविधान है। डीएम के निर्देश पर ब्लॉक स्तर पर शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे जिले में जबरदस्त हड़कंप है।

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बिना मानक पूर्ण के चल रहे हैं 55 मदरसे

जौनपुर। सिरकोनी ब्लाक क्षेत्र में दो मदरसों को बंद करते हुए उन्हें नोटिस दिए जाने की कार्रवाई से यह बात साफ हो गया कि जिले में बिना मानक के 50 फ़ीसदी मदरसे संचालित हो रहे हैं। इस पूरे खेल के पीछे जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
दरअसल किसी भी विद्यालय को संचालित करने के लिए आईसीसी लिंटर्ड बिल्डिंग, सीसीटीवी कैमरा युक्त हाल और शिक्षण कक्ष होना चाहिए। इसके अलावा बच्चों के खेलकूद के लिए भव्य मैदान , पीने के लिए आरो फिल्टर का पानी, पठन-पाठन के लिए वाचनालय, पुस्तकालय का होना अनिवार्य है।
लेकिन जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग जौनपुर की मिली भगत से जिले में 55 से अधिक मदरसे बिना मान्यता के अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।
घनी आबादी के बीच, हर गली कूचे में खुले इन मदरसों की जांच के लिए जब कभी विभाग के अधिकारी कर्मचारी जाते हैं तो वह सिर्फ खाना पूर्ति करके अपनी टेंट गर्म करके चले आते हैं । ऐसे मानक के विपरीत चल रहे मदरसों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही होती है।

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