प्रशासनन की दबंगई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश

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जौनपुर। केराकत क्षेत्र में एक विवादित खिड़की को बंद करने के लिए शुक्रवार को दो दर्जन से अधिक पुलिस वाले गांव में पहुंचे तो हड़कंप मच गया। विरोध के बाद भी पुलिस ने खिड़की को बंद करवा दिया । जिसके बाद से प्रशासन पर दबंगई का गम्भीर आरोप लगाया है। प्रशासनन की दबंगई से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

पूरा मामला केराकत कोतवाली क्षेत्र के धरौरा गांव का है। पीड़ित विजेंद्र दुबे ने बताया कि पुराने मकान में तीन खिड़कियां लगी हुई थी। एक खिड़की जंग लगकर खराब हो गई थी जिसको निकलवा कर नयी लगवायी जा रही थी। विपक्षी उक्त खिड़की को पूरी तरह से बंद करने की जिद पर अड़ गये। पीड़ित ने यह भी बताया कि उसने उपजिलाधिकारी केराकत सुनील कुमार भारती सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। परन्तु मेरी सुनवाई तो दूर की बात है उल्टे विपक्षी के प्रभाव में आकर प्रशासन ने मेरी खिड़की को पूरी तरह से बंद कर दिया। दूसरे पक्ष के संजय दुबे ने बताया कि वीरेंद्र के मकान में दो खिड़की पहले से लगी थी परन्तु वीरेंद्र ने जबरन एक और खिड़की खोल दिया। जमीन की पक्की पैमाइस के लिए दो साल से तहसील का चक्कर काट रहा हूँ परन्तु आजतक पैमाइश नहीं हुई। एसडीएम से शिकायत किया गया था जिसके बाद पुलिस ने खड़ा होकर खिड़की को बन्द करवाया है। संजय के पास खिड़की बन्द करवाने का कोई आदेश नहीं था। एक खिड़की को बन्द कराने के लिए इतनी फोर्स पहुंचने को लेकर क्षेत्र में तरह -तरह की चर्चा व्याप्त है।