Jaunpur news अक़ीदत से मनाया गया हज़रत हम्ज़ा चिश्ती र अ का सालाना उर्स
अक़ीदत से मनाया गया हज़रत हम्ज़ा चिश्ती र अ का सालाना उर्स
अजवद क़ासमी
जौनपुर: नगर के पचहटियां स्थित विशेषरपुर दरगाह पर हज़रत हम्ज़ा चिश्ती र.अ का 551वां सालाना उर्स ए मुबारक बड़ी अक़ीदत के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6 बजे गुस्ल-ए-मज़ार से हुई। दरगाह कमेटी के अध्यक्ष शमशेर कुरैशी और कन्वीनर अरशद क़ुरैशी ने मज़ार पर चादर चढ़ाई। सुबह 9 बजे क़ुरआन ख्वानी हुई। इसके बाद जलसा ए सिरातुन्नबी स.अ. व में मौलाना कयामुद्दीन ने सीरत को अपनाने की बात कही। मौलाना नसीम रज़ा जौनपुरी ने नात पेश की।
ज़ोहर की नमाज़ के बाद भव्य लंगर का आयोजन किया गया जिसमें सभी ज़ायरीन को मुफ्त भोजन कराया गया। शाम 4 बजे सेंट पैट्रिक स्कूल के सामने से जुलूस-ए-चादर निकाला गया। जिसमें फन ए सिपहगरी के अखाड़े भी शामिल हुए। सायं 7 बजे क़ौमी यकजहती कॉन्फ्रेंस का आयोजन दरगाह प्रांगण में किया गया जहाँ ओबैदा शिराज़ी अध्यक्ष मरकज़ी सीरत कमेटी की अध्यक्षता में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.सरफ़राज़ खान चेयरमैन प्रतिनिधि नगर पंचायत जफराबाद एवं मुख्य वक्ता के तौर पर संजीव यादव एडवोकेट मुख्य ट्रस्टी श्री गणपति पूजा महासमिति उपस्थित रहे। जहां संयोजक अरशद क़ुरैशी ने सभी अतिथियों का साफा व गुलपोशी करके स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य ट्रस्टी संजीव यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता और भाईचारा बढ़ाते हैं। मुख्य अतिथि ने कहा कि बड़ी संख्या में ज़ायरीनों की मौजूदगी बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा को दर्शाती है। अध्यक्षता कर रहे ओबैदा शिराज़ी ने कहा कि बुज़ुर्गों वालियों ने सदैव एकता भाईचारा और इंसानियत का पाठ पढ़ाया आज आवश्यकता है कि हम उनके बताए हुए मार्गों पर चलें।
रात्रि 9 बजे महफिल-ए-समां में पगड़ीबंद कव्वालों ने अपनी प्रस्तुति दी। दरगाह कमेटी के कनवीनर अरशद कुरैशी ने सभी मेहमानों और ज़िला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और महिला कांस्टेबल तैनात रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अजवद क़ासमी पत्रकार ने किया। इस अवसर पर मरकज़ी सीरत कमेटी के कन्वीनर फ़िरोज़ अहमद पप्पू, हाजी नेहाल अंसारी,सद्दाम हुसैन,शकील मंसूरी,जिलानी खान,रफ़ीक़ मंसूरी,इम्तियाज़ अहमद रज्जु,अमजद अंसारी,आज़म के के आर,साजिद अलीम,दानिश इक़बाल समेत बड़ी संख्या में ज़ायरीन व अक़ीदत मन्द उपस्थित रहे।
