Jaunpur news रफ्तार का कहर: पिता की आँखों के सामने उजड़ गया दुनिया का सबसे बड़ा सपना, चार पहिया वाहन ने बुझाया घर का चिराग
रफ्तार का कहर: पिता की आँखों के सामने उजड़ गया दुनिया का सबसे बड़ा सपना, चार पहिया वाहन ने बुझाया घर का चिराग
मछलीशहर (जौनपुर): सुजानगंज-मछलीशहर मार्ग पर मातरी बाजार के समीप गुरुवार दोपहर एक बेकाबू चार पहिया वाहन ने ऐसा खूनी खेल खेला, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को हमेशा-हमेशा के लिए मातम में बदल दिया। रोंगटे खड़े कर देने वाले इस सड़क हादसे में पिता के साथ बाइक से लौट रहे 25 वर्षीय होनहार युवक की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। आँखों के सामने कलेजे के टुकड़े को तड़पता देख लाचार पिता की रूह काँप उठी। कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
काल बनकर आई बेकाबू गाड़ी, शरीर के आधे हिस्से को रौंदा
चश्मदीदों के मुताबिक, मीरगंज थाना क्षेत्र के चौकी खुर्द गाँव निवासी केशमणि पांडेय गुरुवार की सुबह अपने 25 वर्षीय पुत्र सरसिज पांडेय के साथ किसी काम से बाइक पर सवार होकर सुजानगंज गए थे। दोपहर में जब दोनों बाप-बेटा वापस घर लौट रहे थे, तभी कोतवाली क्षेत्र के मतरी गांव के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयावह थी कि सरसिज उछलकर सड़क पर जा गिरा और अनियंत्रित वाहन का पहिया उसके शरीर के आधे हिस्से को रौंदते हुए निकल गया। हादसे में पिता केशमणि को भी चोटें आईं, लेकिन अपनी आँखों के सामने बेटे को लहूलुहान और जिंदगी के लिए तड़पता देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
अस्पताल में थम गईं सांसें, मुंबई से खुशियां लेकर आया था सरसिज
चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों और एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहाँ सरसिज की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पिता अपनी चोटों का दर्द भूलकर, नम आँखों से बेटे की सांसों की भीख मांगते हुए जिला अस्पताल भागे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान सरसिज ने दम तोड़ दिया।
अभी सिर पर सेहरा भी नहीं सजा था…
तीन भाई-बहनों में सबसे लाडला सरसिज मुंबई की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वह परिवार का न सिर्फ बड़ा आर्थिक सहारा था, बल्कि माता-पिता की बुढ़ापे की लाठी भी था। अभी उसकी शादी भी नहीं हुई थी, परिवार उसके सेहरे के ख्वाब बुन रहा था, लेकिन एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया।
बदहवास हैं परिजन, गाँव में पसरा सन्नाटा
सरसिज की असमय मौत की खबर जैसे ही चौकी खुर्द गाँव पहुँची, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। माँ और भाई-बहनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है। बदहवास पिता बस एक ही बात दोहरा रहे हैं कि काश! उस काल रूपी गाड़ी के आगे वह खुद आ गए होते और उनके बेटे की जान बच जाती।
घटना की सूचना पर पहुँची पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार के जानलेवा कहर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
