Jaunpur news संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा है फर्जी पत्रकारों का समूह –
संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा है फर्जी पत्रकारों का समूह –
वसूली का नया हथियार गले में फर्जी आईडी और हाथों में माइक –
मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर ) । जिला मुख्यालय से लेकर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में फर्जी पत्रकारों का समूह संगठित गिरोह के रूप में एक सूत्रीय धन उगाही करने में मशगूल हो गया है। गले में फर्जी आईडी और हाथों मे माइक वाले ये तथाकथित फर्जी पत्रकार सरकारी कार्यालयों से लेकर नगर के गली कूचों तथा गांव की पगडंडियों , छोटी-छोटी बाजारों में घूमते हुए देखे जाते है । बताया जाता है कि अधिकांश माइक लिए घूम रहे इन तथाकथित पत्रकारों के ना तो संस्थान का कोई पंजीकरण होता है और ना ही इनके खुद के पास पत्रकारिता का ज्ञान। बस दालमंडी से पांच सौ रुपये का माइक खरीदा, एक वेबपोर्टल बनाया और बन गए पत्रकार। ये टिड्डी दल की तरह शहर से लेकर गांव की बाजारों में छा गए हैं। जिला मुख्यालय से लेकर थाने और पुलिस चौकी तक इनकी बैठकी होती है। इनका प्रिय शगल है बाईट लेना। इसी बहाने ये अधिकारियों से जान पहचान बढ़ाते हैं। वास्तव में देखा जाए तो वे वसूली का एक संगठित गिरोह है। जो गांव के प्रधानों से लेकर डाक्टरों, बिल्डरों , छुटभैय्ए नेताओं तथा व्यापारियों को अपना निशाना बनाकर उन्हें दिवा स्वप्न और भय दिखा कर वसूली करते हैं। बताते चलें कि इन्हें थानों पर अधिकांशतः पंचायतें भी कराते हुए देखे गए हैं। पत्रकारिता जगत से जुड़े राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनलों, समाचार पत्रों के पत्रकार भले ही उंगलियों पर गिने जा सकते हों लेकिन इन फर्जी पत्रकारों के गिरोह की संख्या टिड्डों की तरह दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ रही है। इनके कारनामों से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता जगत की छवि को आघात लग रहा है। जिला प्रशासन को ऐसे तथाकथित पत्रकारों और ब्लैकमेलरों पर अंकुश लगाना होगा वरना यह बीमारी, महामारी बन सकती है।
