August 14, 2026

Jaunpur news ग्रामीण इलाकों में मातृ शक्तियों मेहनत बनी हुई है आशा की किरण

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ग्रामीण इलाकों में मातृ शक्तियों मेहनत बनी हुई है आशा की किरण

युद्ध के चलते मछलीशहर तहसील क्षेत्र में गैस एजेंसियों पर एल पी जी सिलेंडर को लेकर मारामारी मची हुई है। लम्बी-लम्बी लाइनों में लोग सुबह से शाम तक गुजार दे रहे हैं फिर भी सिलेंडर मिलना कठिन हो जा रहा है। सिलेंडरों की कालाबाजारी चल रही है। तहसील क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जिन परिवारों के पास गाय भैंस हैं वहां मातृशक्तियों की मेहनत की बदौलत ईंधन का प्लान बी मौजूद है।गैस की किल्लत से शहरी इलाकों जैसी जिल्लत ग्रामीण इलाकों में नहीं हैं। किसान परिवार की महिलाओं ने पर्याप्त मात्रा में उपले तैयार कर रखे हैं और उनका उपयोग इस विपरीत परिस्थिति में जमकर हो भी रहा है। मिट्टी के चूल्हों पर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं भोजन भी बना रहीं हैं। क्षेत्र के भटेवरा, कोटवा,जमुहर, बामी, बटनहित, खरूआंवा खजुरहट महापुर ऊंचगांव तिलौरा करौरा काछीडीह,कोदई का पूरा, कुंवरपुर, गोधना आदि गांवों से सड़क पर गुजरते समय उपडौर के दस -पांच की संख्या में झुंड जगह- जगह दिखाई दे रहे हैं।अधिक दिक्कत ऐसे ही घरों में आ रही है जिनके किचेन टाइल्स वाले हैं।इस सम्बन्ध में विकास खंड मछलीशहर के गांव बामी की गृहणी पुष्पा सिंह कहती हैं कि इस विपरीत परिस्थिति में पिछली पीढ़ी की हम महिलाओं ने मिट्टी के चूल्हों पर ही खाना बनाया है ऐसे में कुछ दिनों के लिए लकड़ी उपले की मदद से हमारी पीढ़ी को खाना बनाना बहुत कठिन नहीं है।हां! इस पीढ़ी की नई बहूं और बेटियों के चूल्हे पर खाना बनाना दिक्कत भरा जरूर है क्योंकि उन्होंने पहले ऐसा कभी नहीं किया है क्योंकि एल पी जी गैस की ऐसी किल्लत ईधर कई वर्षों में हुई नहीं थी।

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