Jaunpur news भारत ने कमजोर राजनीति का दिया परिचय: आलोक त्रिपाठी लकी
भारत ने कमजोर राजनीति का दिया परिचय: आलोक त्रिपाठी लकी
गौराबादशाहपुर, जौनपुर।
जफराबाद के पूर्व विधायक रहे स्व.शचीन्द्रनाथ त्रिपाठी के पुत्र सपा नेता डा. आलोक त्रिपाठी लकी ने कहा कि मध्य एशिया की घटना से सभी अवगत तो है ही। भारत ने बेहद कमजोर राजनीति का परिचय देते हुए चुप्पी साध ली। भारतीय प्रधानमंत्री को इजराइल ने बुलाकर मेडल पहनाया और उनकी चुप्पी मोल ले ली। चाहे सुप्रीम लीडर खामनेई की हत्या हो या ईरान के स्कूल पर बमबारी कर 160 बच्चियों की हत्या। या फिर हमारी पहल पर ट्रेनिंग के लिए भारत आया इराक का नेवी युद्धपोत को हिंद महासागर में धोखे से ध्वस्त कर 100 सैनिकों की हत्या। भारत ने किसी भी घटना की भर्त्सना निंदा नहीं की जबकि ईरान हमारा पुराना मित्र राष्ट्र रहा है। प्रधानमंत्री जी की चुप्पी आश्चर्यजनक रही। ऊपर से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के रोज की बयानबाजियों ने तो हमारी संप्रभुता पर ही प्रश्नचिन्ह लगा रखा है। मध्य एशिया के इस तनावपूर्ण स्थिति ने भारत को भी तनाव में डाल दिया है। भारत को इराक से ईंधन आपूर्ति मिल नहीं पा रही है। जबकि लगभग 50 से 60 फीसदी आपूर्ति यही से होती थी। इसका अब असर दिखने लगा है। क्यों कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों Lके लिए 90 प्रतिशत बाहर से मंगवाता है। सुनने में आया है कि गुजरात के मोरवी की टाइल्स की 600 कंपनियों की उत्पादन को गैस न मिलने की वजह से बंद करना पड़ गया। फर्टिलाइजर कंपनियों की 25 प्रतिशत गैस की कटौती कर दी गई है कॉमर्शियल है कि बुकिंग बंद कर दी गई। इन सबके बीच सरकार की कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि कुछ कह रहा।
ऊर्जा संसाधनों का हम बचत कर सकते हैं
हम सभी जानते है कि हमारे पास ऊर्जा संसाधनों का भंडारण 45 दिनों का ही है। अब इस प्रकार की कठिन परिस्थिति में यदि हम सभी चौकन्ने हो जाय तो कुछ बचत जरूर की जा सकती है। जैसे सरकारी बसों आदि की परिचालन में लगभग 10% की कमी तत्काल प्रभाव से कर दिया जाय। ऑफिसेज में कर्मचारियों की संख्या को कम किया जाए। वर्क फ्राम होम जितना ज्यादा संभव हो कराया जाए। विद्युत कटौती की जाय जनता से अपील की जाय कि अपनी ऊर्जा जरूरतों को सीमित करें। एक ही स्थान को यात्रा कर रही विभिन्न विमानन कंपनियां आपस में तालमेल कर यात्रियों को एक साथ ले जा कर फेरो को बचाया जाय।
