Jaunpur news राशन घोटाले में कोटेदार पर FIR, जांच में स्टॉक गायब और रिकॉर्ड में हेराफेरी का खुलासा
राशन घोटाले में कोटेदार पर FIR, जांच में स्टॉक गायब और रिकॉर्ड में हेराफेरी का खुलासा
जौनपुर सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़उर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत बड़ा घोटाला सामने आया है। कोटेदार पर कालाबाजारी और अनियमितता के गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले की शुरुआत भानपती पत्नी जयप्रकाश की शिकायत से हुई, जिन्होंने आरोप लगाया कि अप्रैल माह का राशन अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें और अन्य लाभार्थियों को नहीं दिया गया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी शाहगंज के निर्देश पर पूर्ति विभाग की टीम ने जांच की।
जांच टीम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अमिता द्विवेदी, पूर्ति निरीक्षक शिवशंकर यादव और आशुतोष सिंह शामिल रहे। मौके पर पहुंची टीम ने जब दुकान और गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां गेहूं, चावल और चीनी का कोई स्टॉक नहीं मिला, जबकि रिकॉर्ड में पर्याप्त खाद्यान्न दर्शाया गया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कोटेदार स्टॉक और वितरण से जुड़े कोई भी रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने यह भी स्वीकार किया कि उसका कोई स्थायी गोदाम नहीं है और राशन कहीं अन्यत्र रखा जाता है, जो नियमों के खिलाफ है।
जांच में यह भी सामने आया कि मार्च और अप्रैल माह का आवंटित राशन लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा। कई कार्डधारकों—जिनमें रामराज, सुनील, अनारकली, फातमा, रमा समेत अन्य शामिल हैं—ने बयान दिया कि उनसे अंगूठा लगवाया गया, लेकिन राशन नहीं मिला।
पूर्ति विभाग की रिपोर्ट में साफ तौर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और पीडीएस नियंत्रण आदेश 2016 के उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद उपजिलाधिकारी के अनुमोदन पर सरायख्वाजा थाने में कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि गरीबों के हक में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
