Jaunpur news टीबी से बचाव में सही पोषण और समय पर इलाज जरूरी — डॉ. अंजू सिंह
टीबी से बचाव में सही पोषण और समय पर इलाज जरूरी — डॉ. अंजू सिंह
सिंगरामऊ (जौनपुर), 25 फरवरी 2026।
कस्तूरबा महिला विकास कल्याण समिति सिंगरामऊ जीविकोपार्जन परियोजना कार्यालय में टीवी मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्षय रोग अधिकारी डॉ. अंजू सिंह ने बताया कि टीबी का समय पर इलाज और सही पोषण इस बीमारी से बचाव की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, शाम को बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना या बलगम में खून आने जैसी शिकायत हो तो तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और इलाज निःशुल्क उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत मरीजों को उपचार अवधि में प्रतिमाह आर्थिक सहायता भी दी जाती है, जिससे मरीज पौष्टिक आहार लेकर जल्दी स्वस्थ हो सकें। डॉ. सिंह ने कहा कि टीबी का पूरा इलाज संभव है, लेकिन दवाएं नियमित और पूरा कोर्स करना जरूरी है।
कार्यक्रम में बताया गया कि समाज में टीबी से जुड़े भ्रम और कलंक को खत्म करना आवश्यक है। कई लोगों में टीबी के जीवाणु निष्क्रिय अवस्था (लेटेंट टीबी) में रहते हैं, लेकिन हर संक्रमित व्यक्ति बीमार नहीं होता। सही समय पर जांच और उपचार से बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को टीबी के लक्षण, बचाव, उपचार तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल सेवाओं के उपयोग, आधार आधारित पहचान तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण की प्रक्रिया भी समझाई गई।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने भाग लिया तथा टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। अंत में संस्थान की ओर से मरीजों को पोषण किट भी वितरित की गई।
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