February 8, 2026

Jaunpur news मछलीशहर रोडवेज पर शिक्षकों से संवाद: प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव बोले—आधी-अधूरी मांगें मंजूर, सम्मानजनक सुविधाओं तक संघर्ष जारी रहेगा

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मछलीशहर रोडवेज पर शिक्षकों से संवाद: प्रांतीय अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव बोले—आधी-अधूरी मांगें मंजूर, सम्मानजनक सुविधाओं तक संघर्ष जारी रहेगा
जौनपुर।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (नवीन) के प्रांतीय अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र यादव ने अमेठी से लौटते समय मछलीशहर रोडवेज, जौनपुर पर उपस्थित शिक्षक साथियों से संवाद करते हुए सरकार द्वारा शिक्षकों की मांगों पर जारी आदेशों को आधी-अधूरी स्वीकृति करार दिया। उन्होंने कहा कि संगठन के वर्षों से चले आ रहे संघर्षों के दबाव में सरकार ने कुछ मांगों पर निर्णय जरूर लिया है, लेकिन वे शिक्षकों की अपेक्षाओं और गरिमा के अनुरूप नहीं हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि संघ के निरंतर आंदोलनों के परिणामस्वरूप सरकार ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा और प्रधानाचार्यों के चयन को लिखित परीक्षा से करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आदेश जारी किया है। इसके लिए उन्होंने सरकार को बधाई दी, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि शिक्षकों को राज्य कर्मियों के समान पूर्ण कैशलेस चिकित्सा सुविधा (दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य योजना) से वंचित रखना और आयुष्मान कार्ड की तरह वार्षिक प्रीमियम आधारित व्यवस्था लागू करना, शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लाखों शिक्षक एवं कर्मचारी लंबे समय से राज्य कर्मियों के समान चिकित्सा सुविधा की मांग कर रहे हैं। संगठन सरकार से मांग करता है कि वर्तमान आदेश में संशोधन कर शिक्षकों को दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत पूर्ण रूप से आच्छादित किया जाए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।
प्रधानाचार्य चयन प्रक्रिया पर भी उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि अधिकतम नहीं, बल्कि न्यूनतम आयु सीमा निर्धारित की जाए और चयन प्रक्रिया में पहले की तरह अनुभव को मेरिट में शामिल किया जाए, जिससे वरिष्ठ और अनुभवी शिक्षकों के साथ न्याय हो सके।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि 5 सितंबर 2025 (शिक्षक दिवस) पर राज्य सरकार ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, लेकिन वर्तमान आदेश उस घोषणा की भावना के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि शिक्षकों की पाठशालाओं में ही विकसित भारत 2047 का भविष्य तैयार होता है।
इस दौरान उन्होंने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि 28 मार्च 2005 से पूर्व की विज्ञप्ति के आधार पर एनपीएस से ओपीएस में आच्छादित हजारों शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए एनपीएस अवधि की कटौती की संपूर्ण धनराशि ब्याज सहित जीपीएफ खाते में स्थानांतरित करने का आदेश 6 फरवरी को शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज से वित्त नियंत्रक द्वारा सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को जारी कर दिया गया है। इसके लिए संगठन ने 5 जनवरी 2026 को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देशानुसार अपनी पूरी पत्रावली शीघ्र जमा करें।
इस अवसर पर जिला मंत्री रामसूरत वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष रामनारायण बिंद, जिला मंत्री अजीत चौरसिया, कमलनयन जी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. चंद्र सेन, जिला कार्यकारिणी सदस्य भारत लाल यादव, राजनाथ बिंद, लालचंद बिंद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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