February 6, 2026

Jaunpur news सत्कर्म की प्रेरणा देती है श्रीमद्भागवत कथा— निलेश महराज वेंकटेश

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सत्कर्म की प्रेरणा देती है श्रीमद्भागवत कथा— निलेश महराज वेंकटेश

तालामझवारा पड़ान चल रहे सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा के तीसरे दिन उमड़ा जनसैलाब
जफराबाद।मनुष्य का हृदय संसार रूपी सागर के समान है, जहां अच्छे और बुरे विचार देवता तथा दानव की भांति संघर्ष करते हैं। कथा मनुष्य को मोह-माया से दूर रहते हुए सत्कर्म अपनाने की प्रेरणा देती है।उक्त बाते तालामझवारा पड़ान शारदा प्रसाद पाण्डेय के आवास पर चल रहे सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा के तीसरे मंगलवार के देर शाम को काशी से पधारे कथावाचक पंडित निलेश जी महाराज वेंकटेश महाराज ने जीवन मूल्यों पर आधारित प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य के पाप-पुण्य का फल इसी जीवन में मिलता है। इससे मनुष्य को अपने कर्मों का बोध होता है। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य को जीवन की त्रिवेणी बताते हुए कहा कि इन मार्गों से व्यक्ति सही दिशा प्राप्त करता है।श्रीकृष्ण की भक्ति पाप विमोचन का मार्ग है। संकट के समय आस्था मनुष्य को दृढ़ बनाती है। ध्रुव की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि धैर्य और समर्पण से लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। ध्रुव ने कठोर तप किया और अपनी इच्छा पूर्ण कर भगवान को प्राप्त किया। इससे सीख मिलती है कि कठिनाइयों को अवसर में बदलना चाहिए।प्रह्लाद और नरसिंह अवतार प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अत्याचार समाप्त हो जाता है, मगर भक्ति की शक्ति स्थिर रहती है। भगवान नरसिंह का अवतार प्रह्लाद की रक्षा और धर्म की स्थापना का प्रतीक है।कथा आरम्भ के पूर्व आयोजक पवन पाण्डेय अतुल पाण्डेय समेत पूरे परिवार के लोगों ने व्यास पीठ का आरती पूजन किया इस दौरान भारी संख्या में श्रोता मौजूद रहे

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