Jaunpur news दवा दुकानों के लाइसेंसों की होगी कड़ाई से जांच
इन्द्रजीत सिंह मौर्य की रिपोर्ट
दवा दुकानों के लाइसेंसों की होगी कड़ाई से जांच
लाइसेंस के फर्जीवाड़े पर प्रदेश सरकार ने कसा शिकंजा
जौनपुर के सभी थोक प्रतिष्ठानों का होगा भौतिक सत्यापन
जौनपुर।
प्रदेश की योगी सरकार ने दवा व्यापार में हो रहे बड़े फर्जीवाड़े और मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब बेहद ही कड़े कदम उठाने का फैसला लिया है। इसके तहत, प्रदेश के सभी फुटकर और थोक औषधि विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का भौतिक सत्यापन कर वहां का संपूर्ण ब्यौरा विभागीय रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन फर्मों को लाइसेंस जारी किए गए हैं, वह सही मायने में धरातल पर मौजूद हैं और संचालित हो रहे हैं कि नहीं।
यह अभियान फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने और दवा व्यापार को निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित करने के लिए चलाया जा रहा है।
दरअसल अभी हाल ही में कोडीन युक्त कफ सीरप और नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए चलाए गए दो महीने के विशेष अभियान में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। जांच में पाया गया था कि कई फर्मे केवल कागजों पर चल रही थीं, जबकि कुछ ने लाइसेंस लेने के बाद भी कभी काम शुरू नहीं किया। कई मामलों में तो भवन मालिकों को भी पता नहीं था कि उनके पते पर किसी ने दवा फर्म का लाइसेंस ले रखा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने इस संबंध में प्रदेश के सभी सहायक आयुक्तों और औषधि निरीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। यह विशेष अभियान आगामी फरवरी महीने में जौनपुर समेत पूरे प्रदेश में एक साथ शुरू होगा।
इस अहम जांच के दौरान
जिला औषधि निरीक्षकों को सार्वजनिक सूचना जारी कर भवन स्वामियों से संपर्क करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि संबंधित परिसर के मालिक को किराएदार द्वारा किए जा रहे दवा व्यापार और उसके लाइसेंस की पूरी जानकारी है कि नहीं।
अभियान शुरू होने से पहले थोक औषधि विक्रेताओं को एक विकल्प भी दिया गया है। यदि कोई फर्म अपनी दुकान बंद करना चाहती है अथवा लाइसेंस सरेंडर करना चाहती है, तो वह इसके लिए आवेदन कर सकती है।
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अनुभव प्रमाण पत्रों का भी होगा जांच
जौनपुर। औषधि विक्रेता ने अपनी फर्म, दुकान का लाइसेंस लेते समय जिस मकान और उसकी जो चौहद्दी दिया है वह मौके पर मौजूद है कि नहीं। इसकी भी गहराई से जांच पड़ताल की जाएगी। इसके अलावा लाइसेंस धारक द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र पूरी तरह असली है या नकली। इन तथ्यों की भी गोपनीय रिपोर्ट खँगाली जाएगी। अगर लाइसेंस वाले स्थान से अन्यत्र कहीं औषधियों का गोदाम बनाया जाता है उसकी भी जांच पड़ताल की जाएगी। इस संबंध में जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने साफ कहा कि फर्जीवाड़ा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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खामी पर दर्ज होगा मुकदमा, रजत पांडेय
जौनपुर। प्रदेश सरकार के सख्त निर्देश के बाद
जिला औषधि निरीक्षक रजत पांडेय ने भी जिले में अगले महीने से होने वाले इस विशेष जांच पड़ताल के लिए अभी से बड़ी तैयारी शुरू कर दी है।
उन्होंने इस प्रतिनिधि को बताया कि दवा की थोक दुकानों का भौतिक सत्यापन करने के लिए पत्र प्राप्त हुआ है। फरवरी माह में सघन अभियान चलाकर जांच की जाएगी। यदि जांच में कोई खामी पाई जाती है तो संबंधित प्रोपराइटर कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
प्रथम दृष्टिया उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। घोर लापरवाही मिलने पर उन्हें जेल भी भेजा जाएगा।
