Jaunpur news कोहरा-पाला बढ़ा तो अलर्ट हुआ कृषि विभाग, जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को दी फसलों की सुरक्षा सलाह
कोहरा-पाला बढ़ा तो अलर्ट हुआ कृषि विभाग, जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को दी फसलों की सुरक्षा सलाह
जौनपुर। जनपद में लगातार गिरते तापमान, कोहरा और पाले की आशंका को देखते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी विवेक कुमार ने किसान भाइयों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मौसम में फसलों पर कीट एवं रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है, इसलिए नियमित निगरानी के साथ समय से बचाव कार्य करना बेहद जरूरी है।
कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि आलू की फसल में इस समय पिछेती झुलसा रोग का खतरा अधिक रहता है। इसकी शुरुआती अवस्था में पत्तियों पर हल्के पीले रंग के अनियमित धब्बे दिखाई देते हैं, जो धीरे-धीरे बड़े होकर पूरी फसल को प्रभावित कर सकते हैं। इससे बचाव के लिए किसान कापर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत या मैंकोजेब 75 प्रतिशत का घोल बनाकर 10 दिन के अंतराल पर 2 से 3 बार छिड़काव करें।
तिलहनी फसलों में माहू कीट के प्रकोप को लेकर भी चेतावनी दी गई है। यह कीट पौधों के कोमल भागों से रस चूसकर फसल को कमजोर कर देता है। नियंत्रण के लिए नीम आधारित दवा एजाडिरेक्टिन का छिड़काव करने की सलाह दी गई है, जबकि अधिक प्रकोप की स्थिति में डाईमेथोएट या इमिडाक्लोप्रिड का प्रयोग किया जा सकता है।
मटर की फसल में बुकनी रोग से बचाव के लिए सल्फर या कार्बेन्डाजिम के छिड़काव की सिफारिश की गई है। इस रोग में पत्तियों, फलियों और तनों पर सफेद चूर्ण जमा हो जाता है, जिससे पौधे सूखने लगते हैं।
इसके साथ ही जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को पाले से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि खेतों में हल्की सिंचाई करें और आवश्यकता पड़ने पर धुआं करके तापमान संतुलित रखें, जिससे पाले का असर कम किया जा सके।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि समय रहते उचित दवाओं और उपायों को अपनाकर अपनी फसलों को सुरक्षित रखें, ताकि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
