Jaunpur news Gomti River तट पर रंगों की फुहार, गोपी घाट पर गूंजे पारंपरिक फगुआ

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Gomti River तट पर रंगों की फुहार, गोपी घाट पर गूंजे पारंपरिक फगुआ
जौनपुर। नगर के मध्य स्थित पावन गोपी घाट पर अलसुबह से ही होली का उल्लास छा गया, जब स्वच्छ गोमती अभियान और शंकर संकीर्तन मंडल के संयुक्त तत्वावधान में भव्य फगुआ महोत्सव का आयोजन किया गया। जैसे ही ढोल-मंजीरे की थाप बजी, घाट परिसर अबीर-गुलाल की रंगीन फुहारों से सराबोर हो उठा और वातावरण पूरी तरह होलीमय बन गया।
कार्यक्रम में शंकर संकीर्तन मंडल के कलाकारों ने पारंपरिक फगुआ गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रोता झूम उठे। लोकगायक अशोक बवाली के चर्चित गीत “चढ़े बुढ़ऊ पे जब यौवन, समझ लेना कि होली है” ने माहौल में खास रंग घोल दिया।
जनपद के सुप्रसिद्ध संगीताचार्य पंडित सूर्य प्रकाश मिश्र ‘बल्ला गुरु’ ने “वृंदावन श्याम खेलत होली” की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भक्तिरस में डुबो दिया। वहीं भजन गायक मनोज सोनी ‘कोमल’ के जोगीरा ने पूरे घाट पर उत्साह की लहर दौड़ा दी। विवेक मिश्र ‘वरदान’ और अभिषेक ‘मयंक’ ने भी अपने सुमधुर होली गीतों से श्रोताओं का दिल जीत लिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह ‘प्रिंशू’ उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर पर वरिष्ठ सर्जन डॉ. नीलेश श्रीवास्तव और समाजसेवी शशि श्रीवास्तव ‘गुड्डू’ ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम की व्यवस्था में चंदन निषाद सहित कई समाजसेवियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मंच संचालन शंकर संकीर्तन मंडल के अतुल रावत ने किया। अंत में स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने सभी अतिथियों व उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
गोपी घाट पर रंग, संगीत और भक्ति के संगम ने यह साबित कर दिया कि जौनपुर की होली अपनी परंपरा और उल्लास के लिए आज भी खास पहचान रखती है।

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