Jaunpur news फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाला अन्तरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, 09 मोबाइल–04 लैपटॉप बरामद, गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार
फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाला अन्तरराज्यीय गिरोह पकड़ा गया, 09 मोबाइल–04 लैपटॉप बरामद, गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार
जौनपुर। थाना जलालपुर पुलिस ने फर्जी जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करने वाले अन्तरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ करते हुए 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 09 एंड्रायड मोबाइल फोन और 04 लैपटॉप बरामद किए हैं।
मामला कैसे खुला—जानें पूरी कहानी
22 नवंबर 2025 को असबरनपुर निवासी रतन कुमार ने अपनी बेटी का जन्म प्रमाणपत्र यूनियन बैंक, जलालपुर में आधार कार्ड बनाने वाले विजय यादव को बनवाने दिया था। सत्यापन कराने पर प्रमाणपत्र फर्जी निकला। खोजबीन में पता चला कि विनय यादव का एक पूरा गैंग है, जो ग्राम पंचायत की आईडी से मिलता-जुलता पासवर्ड ट्राई करके लॉगिन करता था और AnyDesk के जरिए स्क्रीन शेयर पर पासवर्ड जनरेट कर फर्जी जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर मोटी रकम वसूलते थे।
इस आधार पर थाना जलालपुर में मु.अ.सं. 426/2025 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) BNS व 66डी IT एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी जौनपुर के निर्देश पर पुलिस टीमों ने दो स्थानों से गैंग के 5 सदस्यों को धर-दबोचा।
पहली गिरफ्तारी – 19:10 बजे (नहोरा सई नदी के पास)
गिरफ्तार अभियुक्त:
- अंकित यादव उर्फ शुभम (मऊ)
- राज कुमार उर्फ विक्की (गौतमबुद्ध नगर)
बरामदगी: 3 एंड्रायड मोबाइल, 3 लैपटॉप
दूसरी गिरफ्तारी – 05:00 बजे (बाकराबाद हाईवे तिराहा)
गिरफ्तार अभियुक्त:
- राशिद (मधुबनी, बिहार)
- राजीव कुमार (अमरोहा)
- अभिषेक गुप्ता (लखनऊ)
बरामदगी: 6 एंड्रायड मोबाइल, 1 लैपटॉप
अभिषेक गुप्ता पर पहले भी साइबर क्राइम से जुड़े मुकदमे दर्ज हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों की सूची
- अंकित यादव उर्फ शुभम – मऊ
- राज कुमार उर्फ विक्की – गौतमबुद्ध नगर
- राशिद – मधुबनी, बिहार
- राजीव कुमार – अमरोहा
- अभिषेक गुप्ता – लखनऊ
बरामदगी
कुल 09 मोबाइल फोन कुल 04 लैपटॉप
जांच में बड़ा खुलासा
अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे ग्राम पंचायत लॉगिन आईडी का पासवर्ड ट्रायल के जरिए पता लगाते, फिर AnyDesk से स्क्रीन शेयर पर हैकिंग कर पासवर्ड रीसेट करते और फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर कई राज्यों में फर्जीवाड़ा करते थे।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
उपनिरीक्षक मोहन प्रसाद, बलवंता, अनिल कुमार तिवारी, विजय कुमार सिंह, व अन्य पुलिस एवं साइबर टीम के 11 सदस्य शामिल रहे।
