Jaunpur news गेंहूं की बुआई चरम पर, सहकारी समितियों से गायब DAP-यूरिया; किसान परेशान, निजी दुकानों का सहारा लेने को मजबूर
गेंहूं की बुआई चरम पर, सहकारी समितियों से गायब DAP-यूरिया; किसान परेशान, निजी दुकानों का सहारा लेने को मजबूर
थानगद्दी क्षेत्र में गेंहूं की बुआई अपने चरम चरण में है, लेकिन इसी महत्वपूर्ण समय में सहकारी समितियों पर डीएपी और यूरिया की भारी किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। समितियां खुली होने के बावजूद उर्वरक न मिलने से किसान खाली हाथ लौटने पर मजबूर हैं। लगातार चक्कर लगाने के बाद भी खाद न मिलने से किसानों की नाराजगी बढ़ रही है।
उर्वरक की कमी के कारण किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदने को विवश हैं। प्राइवेट विक्रेता स्थिति का फायदा उठाते हुए मनमाने रेट ले रहे हैं, जिससे खेती की लागत और बढ़ गई है। गेंहूं की बुआई के लिए जहां डीएपी की मांग चरम पर है, वहीं सरसों की सिंचाई के लिए यूरिया की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है।
केराकत ब्लॉक की नौ सहकारी समितियों—भैरोभानपुर, उसरपुर, अमिहित, नरहन, सरौनी, थानगद्दी, रतनूपुर, उमरवार और भैसा—में से केवल थानगद्दी समिति पर सीमित मात्रा में टीएसपी उपलब्ध है, जबकि बाकी सभी समितियों में पिछले दस दिनों से डीएपी पूरी तरह खत्म है। यूरिया की स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि दो महीने से एक भी समिति पर इसकी सप्लाई नहीं पहुंची है।
स्थिति पर पूछे जाने पर एडीओ कोऑपरेटिव सुभाष यादव ने बताया कि जिले स्तर पर उर्वरक उपलब्ध है और आवंटन प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले एक-दो दिनों में सभी केंद्रों पर डीएपी और यूरिया की आपूर्ति पहुंच जाएगी।
