Jaunpur news घनश्यामपुर में स्वयंसेवकों ने मनाया विजयादशमी उत्सव
घनश्यामपुर में स्वयंसेवकों ने मनाया विजयादशमी उत्सव
मुख्य वक्ता मिथिलेश जी बोले — “व्यक्ति-व्यक्ति जगे स्वदेश भक्ति भावना”
जौनपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के घनश्यामपुर मंडल द्वारा शनिवार को विजयादशमी उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश जी ने भगवान श्रीराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
मुख्य वक्ता मिथिलेश जी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. हेडगेवार का संदेश था— “व्यक्ति-व्यक्ति जगे स्वदेश भक्ति भावना”, यही संघ कार्य का मूल उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि विजयादशमी का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि इसी दिन नागपुर में संघ की पहली शाखा की शुरुआत हुई थी। संघ का कार्य राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा के लिए समर्पित है।
उन्होंने कहा कि वैदिक काल से ही देशहित में प्रयास होते रहे हैं, लेकिन मुगलों और अंग्रेजों की गुलामी ने समाज को गौरवशाली परंपराओं से दूर कर दिया। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के उद्धरणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक नहीं हुआ तो विभाजन जैसी परिस्थितियां फिर खड़ी हो सकती हैं।
मिथिलेश जी ने कहा कि भारत की संस्कृति परिवार और सामाजिक संतुलन पर आधारित है, लेकिन आज टूटते परिवार चिंता का विषय हैं। डॉ. हेडगेवार के शब्दों को दोहराते हुए उन्होंने कहा — “शुद्ध और सात्विक प्रेम ही कार्य का आधार होना चाहिए।”
संघ के इतिहास और योगदानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि चीन युद्ध के दौरान स्वयंसेवकों ने देशभर में यातायात व्यवस्था संभालकर देशसेवा का परिचय दिया था। वर्ष 1963 में लालकिले पर सेना के साथ तीन हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने परेड कर अनुशासन और संगठन शक्ति का प्रदर्शन किया था।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि भारत का हर नागरिक अपने परिवार के साथ-साथ देश को भी अपना माने और कठिन समय में राष्ट्र के साथ खड़ा हो।
कार्यक्रम में खंड संघचालक अशोक शुक्ला, खंड कार्यवाह जटाशंकर, अभिषेक तिवारी, कपिल शुक्ला, अवधेश यादव, नीलेश सिंह सहित सैकड़ों स्वयंसेवक मौजूद रहे।
