January 28, 2026

Jaunpur news भारत का विकास शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े भ्रष्टाचार खत्म किए बिना संभव नहीं : प्रो. अखिलेश्वर शुक्ला

Share

भारत का विकास शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े भ्रष्टाचार खत्म किए बिना संभव नहीं : प्रो. अखिलेश्वर शुक्ला

जौनपुर। राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं प्राचार्य प्रो. (डॉ.) अखिलेश्वर शुक्ला ने कहा है कि जब तक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार का अंत नहीं होगा, तब तक भारत का वास्तविक विकास संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि आज भी शिक्षक को नियुक्ति से लेकर सेवानिवृत्ति तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। पेंशन की फाइल महीनों तक अटकी रहती है और कभी-कभी सेवानिवृत्त शिक्षक को अपने अधिकारों के लिए विभागीय कार्यालयों की दौड़ लगानी पड़ती है। यह स्थिति देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि जन्म से मृत्यु तक लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थों और नकली दवाओं के सहारे जीना पड़ता है। यही भ्रष्टाचार राष्ट्रीय विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा है। भ्रष्टाचार से न केवल असमानता और गरीबी बढ़ती है, बल्कि यह सामाजिक विघटन और पर्यावरणीय संकट को भी गहरा करता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह सब सरकार को मालूम है तो फिर फाइलों को रोकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कानून या समय सीमा क्यों नहीं तय की जाती? उनका कहना है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कार्यालय से लेकर मंत्रालय तक फैली हुई हैं और यही जनता में असंतोष और अविश्वास का कारण बन रहा है।

प्रो. शुक्ला ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था आज नैतिक मूल्यों से भटककर केवल आर्थिक मूल्यों तक सीमित हो गई है। जब तक शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त नहीं किया जाएगा, तब तक संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण संभव नहीं है।

उन्होंने दुर्गा पूजा और नवरात्रि के शुभ अवसर पर अपील की कि केंद्र और राज्य सरकारें तत्काल कदम उठाकर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता लाएँ और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाएँ।

अंत में उन्होंने कहा—
“जैसा अन्न, वैसा मन। मिलावट और भ्रष्टाचार खत्म होगा तो ही भारत अग्रणी भूमिका में आ सकेगा।”


About Author