February 24, 2026

Jaunpur news सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता खत्म की जाए : अरविंद शुक्ला

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सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता खत्म की जाए : अरविंद शुक्ला

इंद्रजीत मौर्य की रिपोर्ट

जौनपुर।
उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ की जिला इकाई के बैनर तले मंगलवार को अंबेडकर तिराहे पर परिषदीय शिक्षकों की बड़ी जुटान हुई। जिलाध्यक्ष अरविंद शुक्ला के नेतृत्व में शिक्षकों ने 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए सेवा व पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता पर गहरी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे समाप्त करने की मांग की।

शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि नियुक्ति के डेढ़-दो दशक बाद ऐसी शर्त थोपना नितांत अनुचित है। उन्होंने कहा कि उस समय वे निर्धारित योग्यता धारण किए हुए थे, इसलिए अब टीईटी की बाध्यता मानसिक पीड़ा देने वाली है।

ज्ञापन देने से पहले शिक्षकों ने अंबेडकर तिराहे से नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट परिसर तक मार्च निकाला।

कलेक्ट्रेट परिसर गूंजा नारेबाजी से
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने “काला कानून वापस लो” और “रोज़ी-रोटी से खिलवाड़ नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाए, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर देर तक गूंजता रहा।

महिला शिक्षकों की मजबूत मौजूदगी
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला शिक्षकों की भागीदारी रही, जिन्होंने अंत तक डटे रहकर अपनी सेवा सुरक्षा की चिंता जाहिर की। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह भी मौजूद रहे।

शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।

हजारों शिक्षकों की मौजूदगी
विरोध प्रदर्शन में आलोक सिंह, संजय यादव, रविचंद्र, वीरेंद्र प्रताप सिंह, लालसाहब यादव, राजेश बहादुर सिंह, लक्ष्मीकांत सिंह, शिवेंद्र सिंह, राजेश सिंह मुन्ना, रमाशंकर पाठक, राकेश यादव, रेनू सिंह, सीमा सिंह, ऊषा यादव, कुमुदिनी अस्थाना, प्रियंका राजपूत, सुषमा सिंह, विजयलक्ष्मी यादव, मालविका सिंह, कविता, धर्मेंद्र यादव सहित हजारों शिक्षक शामिल हुए।


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