Jaunpur news शाकाहार और मद्यनिषेध अपनाने से ही अच्छे समाज का निर्माण – पंकज महाराज

शाकाहार और मद्यनिषेध अपनाने से ही अच्छे समाज का निर्माण – पंकज महाराज
चक पिढ़वा में हुआ जयगुरुदेव सत्संग समारोह का आयोजन
गौराबादशाहपुर, जौनपुर।
अच्छे समाज के निर्माण, शाकाहार अपनाने मद्यनिशेध का लक्ष्य लेकर सन्त पंकज जी महाराज के सानिध्य में चल रही जनजागरण यात्रा के कार्यक्रम के अन्तर्गत विकास खंड धर्मापुर के ग्राम खटोलिया के चकपिढ़वा खेल मैदान में शुक्रवार को जयगुरुदेव सत्संग समारोह का आयोजन हुआ। इसमें आम जनता को सम्बोधित करते हुये महाराज जी आत्मा-परमात्मा के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुये कहा मानव तन की प्राप्ति परमात्मा का सबसे बड़ा वरदान है। बहुत से लोगों की दिनचर्या ‘‘दिवस गवायां खाइ कै रात बिताया सोय। हीरा जनम अमोल था कोड़ी बदले जाय।’’ बना रखी है। पैदा होने से पहले भजन का किया गया वादा भूल गये। जब अन्त समय आता है तो जीव टकटकी लगा कर देखता है कि हमारी कोई सहायता कर दे। लेकिन उस समय समर्थ सत्गुरु के सिवा कोई मददगार नहीं होता है। इसलिये आप अपनी जीवात्मा के कल्याण की चिन्ता कीजिये। मृत्यु के बाद जीवात्मा धर्मराज के दरबार में शेष कर दी जाती है। जरा सी देर में हिसाब हो जाता है। बुरे कर्मों को करने वाले जीवों को कठोर यातनायें दी जाती हैं और दी जा रही हैं। उनके रोने चिल्लाने की आवाज लाखों मील तक जाती है कोई बचाने वाला नहीं। गरुण पुराण में छत्तीस प्रकार के नर्कों का वर्णन है। इन दृष्यों को सन्त महात्मा साधना करके जब ऊपरी मण्डलों में जाते हैं तो द्रवित होकर लोगों को समझाते हैं।
मांसाहार और शराब का सेवन समाज में पैदा कर रहा हिंसा
महाराज जी ने कहा कि वर्तमान समय में मांसाहार व शराब के सेवन का इतना प्रभाव है कि समाज में हिंसा अपराध का वातावरण व्याप्त हो रहा। मांसाहार से जब पशु-पक्षियों के जीवाणु मानव शरीर में प्रवश कर जाते हैं तो तरह-तरह की बीमारियां पैदा हो जाती हैं। कोरोना की भयानक बीमारी इसी का परिणाम रही। उन्होंने स्मरण कराया कि विख्यात सन्त बाबा जयगुरुदेव जी ने आगाह कर रखा है कि पत्ता-पत्ता झुलस जायेगा एटम के अंगारों से। दुनिया भर की महाशक्तियां मिट्टी में मिल जायेंगी। क्रूर बिधर्मी मानव की तब अकल ठिकाने आयेगी। इस तरह का दृष्य विश्व में नजर आयेगा। उन्होंने कहा रामराज आन्दोलन, तोड़फोड़ या नारा लगाने से नहीं आयेगा। बल्कि रामराज सतयुग विचारों के परिवर्तन से आयेगा। आप से अनुरोध है बदलते समय का साथ दें आत्मा के कल्याण के लिये भगवान का भजन करें। इस
यह रहे मौजूद
इस अवसर पर ऋशिदेव श्रीवास्तव, अरुण कुमार वर्मा, बालेन्द्र मिश्र, राम सागर यादव, बैजनाथ यादव, आषीश सेठ, श्रीमती किरन सिंह, मालती मौर्य, सोनू मोदनवाल, राम भुवन विष्वकर्मा, रमेष चन्द्र निशाद, सत्य प्रकाष मौर्य, कन्हैया लाल निशाद, सहयोगी संगत के अवधू सिंह यादव, कैलाश चौरसिया आदि मौजूद रहे।