January 26, 2026

Jaunpur news अपराध की दुनिया से बनाई करोड़ों की संपत्ति, मुठभेड़ में ढेर हुआ संतोष राजभर

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रिपोर्टर – इन्द्रजीत सिंह मौर्य

अपराध की दुनिया से बनाई करोड़ों की संपत्ति, मुठभेड़ में ढेर हुआ संतोष राजभर

Jaunpur news जौनपुर: कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र में सोमवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में खेतासराय थाना क्षेत्र के पोरईकला गांव निवासी कुख्यात अपराधी संतोष राजभर उर्फ राजू पुत्र जयप्रकाश राजभर मारा गया। अपराध की दुनिया में लंबा वक्त बिताने वाले संतोष ने अपनी काली कमाई से जौनपुर और मुंबई में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली थी।

उसके शव का अंतिम संस्कार खुटहन ब्लॉक के पिलकिछा घाट पर किया गया, जहां उसके पिता जयप्रकाश ने उसे मुखाग्नि दी। बेटे की मौत की खबर सुनकर उसकी पत्नी रूबी बेहोश हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार रूबी गर्भवती हैं और उनके गर्भ में पांच महीने का बच्चा है। दोनों की शादी पिछले वर्ष शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के भादी मोहल्ले में हुई थी।

खेतासराय में आलीशान बिल्डिंग, मुंबई में जमीनें

स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, संतोष ने अपराध से मिले पैसे से खेतासराय नगर पंचायत स्थित स्टेशन गली में एक तीन मंजिला भवन बनवाया, जिसमें आठ दुकानें हैं और जिन्हें किराए पर दे रखा गया है। इमारत का ऊपरी हिस्सा अभी भी निर्माणाधीन है। वहां किराए पर रहने वाले नफीस अहमद बताते हैं कि छह महीने पहले तक संतोष खुद निर्माण कार्य की निगरानी करता था।

नफीस के अनुसार, जब भी संतोष खेतासराय आता था, वह लग्जरी गाड़ियों — सफारी स्ट्रॉम और अर्टिका — में आता था। शांत और सौम्य दिखने वाला यह अपराधी बेहद शातिर था और उसके साथ हमेशा चार से छह लड़के मौजूद रहते थे।

खेतासराय थाना प्रभारी रामाश्रय राय ने बताया कि संतोष ने अवैध तरीकों से कमाए गए पैसों से न सिर्फ खेतासराय में संपत्ति खरीदी बल्कि मुंबई जैसे महानगर में भी उसकी कई संपत्तियाँ हैं। जानकारी के मुताबिक, मुंबई में जमीन के बैनामा के लिए वह अपने माता-पिता — मां किरण देवी और पिता जयप्रकाश — को हवाई जहाज से टिकट कराकर ले गया था। गांव लौटने के बाद यह बात आसपास में चर्चा का विषय बन गई थी।

गांव में लौटे तो मिली लाश

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, करीब पांच महीने पहले संतोष अपने छोटे भाई सरोज राजभर की शादी के अवसर पर “बरक्षा” की रस्म में शामिल होने गांव आया था। इसके बाद वह मुंबई लौट गया, लेकिन अगली बार उसकी शव यात्रा ही गांव वापस आई।

संतोष के अपराधों की फेहरिस्त लंबी थी और पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। कोखराज में मुठभेड़ के दौरान वह पुलिस की गोली का शिकार हुआ और उसके साथियों की तलाश अब भी जारी है। पुलिस अब उसकी संपत्तियों की जांच कर रही है और जल्द ही जब्ती की कार्रवाई भी संभव है।


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