Jaunpur news दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क दंत परीक्षण शिविर का आयोजन
दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क दंत परीक्षण शिविर का आयोजन
डॉ. शुभम श्रीवास्तव और डॉ. सृष्टि सिन्हा की सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण
Jaunpur news रुहट्टा, जौनपुर — सिन्हा डेंटल हॉस्पिटल, उमरपुर, रुहट्टा में आज एक विशेष दंत परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 30 से अधिक दिव्यांग बच्चों के दांतों का निःशुल्क परीक्षण किया गया। इस सेवा कार्य का नेतृत्व डॉ. शुभम श्रीवास्तव और डॉ. सृष्टि सिन्हा ने किया। कार्यक्रम का आयोजन राजेश स्नेह ट्रस्ट ऑफ एजुकेशन के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर मौखिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना और उनके परिवारों को दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना था।
डॉ. शुभम और डॉ. सृष्टि ने प्रत्येक बच्चे की विशेष ज़रूरतों को समझते हुए अत्यंत संवेदनशीलता और धैर्य के साथ परीक्षण किए। उन्होंने मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए बच्चों को ब्रशिंग तकनीक, खानपान के सही तरीके और दंत रोगों की रोकथाम पर विशेष मार्गदर्शन भी दिया।
इस अवसर पर डॉ. शुभम श्रीवास्तव ने कहा, “दिव्यांग बच्चों को सामान्य दंत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना आज भी एक चुनौती है। हमारा प्रयास है कि हम एक समावेशी वातावरण प्रदान करें, जहाँ हर बच्चा स्वस्थ मुस्कान के साथ जीवन जी सके।”
डॉ. सृष्टि सिन्हा ने कहा, “बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखना हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। हमें इन बच्चों और उनके विद्यालय परिवार से जो स्नेह और सहयोग मिला, वह अत्यंत अभिभूत करने वाला है।”
शिविर में सभी बच्चों को निःशुल्क टूथब्रश, टूथपेस्ट, माउथवॉश, बेटाडीन, प्रमाणपत्र, तथा बिस्किट, टॉफी और समोसे आदि वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, दांतों की सफाई की गई और कुछ बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत गीत भी प्रस्तुत किए। इस सेवा कार्य में विशेष शिक्षिका हेमू वर्मा का सहयोग अतुलनीय रहा।
इस अवसर पर राजेश स्नेह ट्रस्ट ऑफ एजुकेशन के संस्थापक डॉ. राजेश कुमार, मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी अभियान के प्रणेता प्रदीप मिश्र, संस्था के कोषाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, सचिव किरण, अधिवक्ता विपुल विश्वकर्मा, भूतपूर्व प्रशासनिक अधिकारी संतोष श्रीवास्तव, डॉ. राजेश कुमार गुप्ता और अस्पताल के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर कोषाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने सभी उपस्थित जनों और सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया।
यह पहल न केवल एक सेवा कार्य थी, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कैसे बेहतर भविष्य की ओर बढ़ा जा सकता है।
