Jaunpur news खतीरपुर भैंसा गौशाला में टीम ने किया निरीक्षण
खतीरपुर भैंसा गौशाला में टीम ने किया निरीक्षण
एक मवेशी मरने का मामला आया सामने
कीचड़ से बचाव के लिए खङंजा विछाने का काम शुरू
जौनपुर। विकासखंड करंजाकला खतीरपुर भैंसा गांव में पशुओं के मरने का मामला सामने आया था, जिस पर खण्ड विकास अधिकारी के निर्देश पर गठित टीम ने निरीक्षण किया जिसमें एक मवेशी मरने का मामला पाया गया । जबकि जल भराव कीचड़ से छुटकारा के लिए खड़ंजा विछाने का काम शुरू कर दिया गया। इसके अलावा व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए।
खतिरपुर भैंस के गौशाला में विगत दिनों मामला सामने आया था कि 6 पशुओं की मौत हुई और शव सङने से संक्रमण का खतरा है। जिसको जिला प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान में लिया और ग्राम पंचायत खतीरपुर भैसा में अस्थाई गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण खंड विकास अधिकारी पियूष त्रिपाठी के निर्देश पर पशुधन प्रसार अधिकारी मानवेंद्र कुमार सिंह और एनजीओ के कोषाध्यक्ष विजय प्रताप यादव समेत अन्य लोग पहुंचे ।वहां निरीक्षण किया जिसमें मामला सामने आया कि गौशाला में नई मिट्टी डालने से कीचड़ व जल भराव है। बारिश का पानी भर जाने से यह समस्या हुई। गड्ढे खुदवाने में शव निस्तारण होने में थोड़ा देरी हुई । गौशाला में एक मवेशी की मृत्यु हुई थी। जिसको एक सप्ताह पूर्व पांच कमजोर मवेशी गौशाला में छोड़ दिए थे और जिसमें तीन का इलाज किया जा रहा था, जिसमें एक की मृत्यु हो गई थी। पहले से तैयार किए गए गड्ढे में बरसात का पानी भर गया । इसलिए नए गड्ढे खुदवाने के लिए जेसीबी मशीन का सहारा लिया गया । मृत मवेशी गाङ दिया गया और अत्यंत कमजोर पशुओं का इलाज किया जा रहा है। वहां मौके पर 8 कुंतल भूसा, 8.5 कुंतल पशु आहार चोकर ,5 कुंतल हरा चारा पाया गया । जो कीचड़ जल जमाव का मामले सामने आया उसके लिए तुरंत खङजा विछाने का कार्य शुरू कर दिया गया। गौशाला में खुरपका मुहपका टीकाकरण का कार्य भी कर दिया गया ,जो भी खामियां थी उसे सुधार लाने का निर्देश दे दिया गया। निरीक्षण करने वाली टीम ने उच्च अधिकारियों को तुरंत मौखिक रिपोर्ट दिया कि यहां संक्रमण का कोई खतरा नहीं है। एक गोवंश की मृत्यु हुई थी, बाकी अन्य कमजोर पशुओ का उपचार चल रहा है, बाकी सभी को स्वस्थ हैं।
मेरे सामने जैसे ही मामला आया मैं तत्काल उसकी फौरी तौर पर जांच पड़ताल करवाया, मौके पर स्थलीय निरीक्षण से यह पाया गया एक मवेशी की मृत्यु हुई थी, जबकि अन्य तीन का उपचार किया जा रहा था। बारिश की वजह से कीचड़ जल जमाव था जिसको ठीक करने का काम किया जा रहा है। संक्रमण का कोई खतरा नहीं है।
पीयूष त्रिपाठी
खंड विकास अधिकारी करंजाकला
