Jaunpur news 145 कोचिंग संस्थान, होटल, शॉपिंग मॉल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं

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जौनपुर के 145 कोचिंग संस्थान, होटल, शॉपिंग मॉल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं

नोटिसों तक ही सिमट गई हैं अग्निशमन विभाग की पूरी कार्रवाई

अग्निशमन मानकों की खुलेआम उड़ रही हैं धज्जियां

जौनपुर। राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में झुलसने से 15 छात्रों की हुई दर्दनाक मौत के बाद जौनपुर में चेकिंग अभियान सिर्फ दिखावे के रूप में चल रहा है।
जिले में 145 से अधिक ऐसे कोचिंग संस्थान, अस्पताल होटल व शॉपिंग मॉल हैं। जहां सुरक्षा इंतजाम के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है । आपात कालीन दरवाजे के नाम पर बिल्डिंग को पूरी तरह से पैक कर दिया गया हैं।
खुद ऐसी तमाम खामियों को विभाग के बड़े अधिकारियों ने दो दिन चलाई गई सघन चेकिंग अभियान में पाया है।
जिला अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि ऐसे सभी लोगों को चिन्हित करके उन्हें नोटिस दी जा रही है। यूं कहें की सख्त कार्रवाई के नाम पर ऐसे सभी दोषी कोचिंग और चिकित्सीय संस्थान संचालकों को कार्रवाई के नाम पर नोटिस जारी करने तक पूरा अभियान सिमट गया है।
जिले के अधिकांश कोचिंग सेंटर अग्निशमन और भवन सुरक्षा मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं, फिर भी प्रशासन कठोर कार्रवाई करने के बजाय खानापूर्ति करता नजर आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार नगर क्षेत्र के टीडी कॉलेज रोड, जेसीज चौराहा ,सिविल लाइंस ,वाजिदपुर तिराहा ,पॉलिटेक्निक चौराहा , ओलन्दगंज, कसेरी बाजार, कोतवाली चौराहा, पुरानी सब्जी मंडी समेत शाहगंज, मडियाहू, मछली शहर, केराकत और बदलापुर तहसील मुख्यालय पर
दो दो शटर वाली छोटी दुकानों, संकरी गलियों और बहुमंजिला भवनों में कोचिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में न तो पर्याप्त आपात कालीन निकास द्वार हैं। न ही अग्निशमन यंत्रों की समुचित व्यवस्था और न ही किसी प्रकार की आपदा प्रबंधन योजना।
इसके बावजूद सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को विवश हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन भवनों में एक साथ बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहते हैं, वहां अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), पर्याप्त निकासी मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन उपकरण अनिवार्य होने चाहिए। लेकिन जिले के अनेक कोचिंग संस्थानों में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।

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आखिर कब चेतेंगे जौनपुर के अफसर
जौनपुर। लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं । प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई कोचिंग संस्थानों को सील भी किया गया है।
जौनपुर में भी प्रशासनिक टीमों द्वारा जांच की जा रही है, लेकिन अब तक अधिकांश मामलों में केवल नोटिस जारी कर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं, उनके विरुद्ध भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?

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