Jaunpur news जिलाधिकारी के स्पष्टीकरण देने पर वेतन रोकने का आदेश नियत तिथि तक वापस
जिलाधिकारी के स्पष्टीकरण देने पर वेतन रोकने का आदेश नियत तिथि तक वापस
एडीएम,तहसीलदार ने जिलाधिकारी का कोर्ट में दिया प्रार्थना पत्र,व्यक्त किया खेद
नियत तिथि 22 अप्रैल 2026 तक तहसीलदार ने वाहन स्वामी के मकान की कुर्की का दिया आश्वासन
जौनपुर -हिमांशु श्रीवास्तव एडवोकेट
सड़क दुर्घटना के एक मामले में वाहन स्वामी से क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली न करने पर ट्रिब्यूनल जज मनोज कुमार अग्रवाल ने जिलाधिकारी का आधा वेतन रोकने का कमिश्नर वाराणसी को आदेश दिया था।साथ ही तहसीलदार का भी वेतन रोकते हुए नोटिस जारी हुई थी। गुरुवार को जिलाधिकारी की तरफ से शासकीय अधिवक्ता शिवराम मिश्रा, एडीएम, तहसीलदार मछली शहर कोर्ट में पहुंचे और स्पष्टीकरण दिया। कहा कि जानबूझकर कोई शिथिलता नहीं बढ़ती गई है। कुछ त्रुटियों की वजह से कार्रवाई नहीं हो पाई। कोर्ट में खेद व्यक्त करते हुए प्रार्थना किया कि जिलाधिकारी का आधा वेतन रोकने का आदेश निरस्त करने की कृपा की जाए। साथ ही तहसीलदार मछलीशहर की ओर से आश्वासन दिया गया कि क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली के लिए विपक्षी मोटर मालिक के मकान की कुर्की की कार्रवाई शीघ्र कर दी जाएगी। जिस पर कोर्ट ने तहसीलदार को जारी कारण बताओं नोटिस व जिलाधिकारी के आधे वेतन रोकने के आदेश को नियत तिथि 22 अप्रैल 2026 तक वापस लिया।अग्रिम आदेश के लिए 22 अप्रैल तिथि नियत कर तहसीलदार मछली शहर को आदेश दिया गया कि मकान के कुर्की के संदर्भ में अपनी आख्या प्रस्तुत करें। मामले में 16 फरवरी 2019 को सुजानगंज के फतेहपुर निवासी रामलाल की सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था।कोर्ट ने 1.60 लाख रुपए क्षतिपूर्ति का आदेश दुर्घटना करने वाले टेंपो के वाहन स्वामी को दिया था लेकिन वाहन स्वामी ने भुगतान नहीं किया तब कोर्ट ने आरसी जारी की थी।
