Jaunpur news विश्वविद्यालय में अवसरों के असंतुलन पर शिक्षकों ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन, जोरदार ढंग से उठी समानता की मांग

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विश्वविद्यालय में अवसरों के असंतुलन पर शिक्षकों ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन, जोरदार ढंग से उठी समानता की मांग
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के वितरण को लेकर शिक्षकों का असंतोष उस समय खुलकर सामने आया, जब बड़ी संख्या में शिक्षकों ने एकत्र होकर कुलपति को ज्ञापन सौंपा और समान अवसर की मांग को जोरदार ढंग से उठाया।
शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से समितियों, मूल्यांकन, निरीक्षण तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में कुछ ही लोगों को लगातार अवसर दिए जा रहे हैं, जबकि कई योग्य शिक्षक इनसे वंचित रह जाते हैं। इससे कार्यों का असंतुलन बढ़ रहा है और शिक्षकों के बीच असमानता की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
इस दौरान शिक्षकों ने अपने विचार भी रखे। डॉ. जे.पी. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी शिक्षकों को समान अवसर मिलना चाहिए और किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए। डॉ. राज बहादुर यादव ने कहा कि योग्य शिक्षकों को लगातार नजरअंदाज किया जाना चिंता का विषय है और इससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता है।
डॉ. यदुवंश ने कार्यों के संतुलित वितरण पर जोर देते हुए कहा कि यदि व्यवस्था पारदर्शी होगी तो सभी शिक्षकों का विश्वास मजबूत होगा। डॉ. लक्ष्मण सिंह ने रोटेशन प्रणाली लागू करने की आवश्यकता बताई, जिससे हर शिक्षक को अवसर मिल सके।
डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय एक परिवार की तरह है और इसमें समानता तथा पारदर्शिता होना अत्यंत आवश्यक है। वहीं डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि शिक्षकों की सहभागिता बढ़ेगी तो शैक्षणिक गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
इस अवसर पर डॉ. प्रशांत त्रिवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में अवसरों का संतुलित वितरण समय की आवश्यकता है और इससे शिक्षकों में सकारात्मक ऊर्जा तथा कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा। शिक्षक संघ के पदाधिकारी
डॉ उज्ज्वल सिंह ने कहा कि शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों को केवल उतना ही अवसर दिया जाए जितना कि उनका एक शिक्षक के रूप में हक है ।इससे अधिक अवसर देना शिक्षकों की हकमारी होगी । उन्होंने जोर देकर यह कहा कि विश्वविद्यालय और संगठन का यह नैतिक दायित्व व कर्तव्य है कि हम ऐसी व्यवस्था बनाए जिसमें किसी भी शिक्षक साथी के साथ कोई भेदभाव न हो ,सभी को एक समान अवसर मिले ।लोकतंत्र में गुप्त व्यवस्था की नहीं बल्कि पारदर्शिता की आवश्यकता होती है इसलिए समस्त पैनल ,प्रैक्टिकल ,शिक्षक अप्रूवल ,निरीक्षण मंडल , आब्जर्वर की लिस्ट सार्वजनिक होनी चाहिए । जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्यों के प्रति शिक्षक साथियों में निष्ठा बनी रहे ।

इस अवसर पर डॉ. राजेश सिंह, प्रोफेसर आलोक सिंह, सुभाष चंद्र बिश्नोई ऐसा रजनीश सिंह सुभाष वर्मा डीआर अनीश यादव डॉ अनुराग चौधरी डॉक्टर हरी बैग्स यादव,डॉ संजय, डॉ मनोज डॉ मनोज कुमार, डॉ राजकुमार डॉ जितेश सिंह,j k राव सर,डॉ. राकेश यादव, डॉ. जितेश सिंह, डॉ. उज्ज्वल सिंह, डॉ. राकेश पांडेय, डॉ. सच्चिदानंद पांडेय तथा डॉ. विकास सहित भारी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।
ज्ञापन सौंपते समय शिक्षकों ने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए ऐसी व्यवस्था लागू करेगा, जिससे सभी शिक्षकों को समान अवसर मिल सके और विश्वविद्यालय में पारदर्शिता तथा विश्वास का वातावरण मजबूत हो।

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