Jaunpur news राज्यमंत्री के सामने ही प्रेसवार्ता में वरिष्ठ पत्रकार ने पीडी को दिखाया आईना

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राज्यमंत्री के सामने ही प्रेसवार्ता में वरिष्ठ पत्रकार ने पीडी को दिखाया आईना

जौनपुर महोत्सव को लेकर आयोजित की गई थी प्रेस वार्ता, उपहार को लेकर भड़क गए जिले के पत्रकार

जिलाधिकारी ने दी सफाई भविष्य में होगा सुधार

जौनपुर। प्रदेश सरकार के खेल व युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश यादव के सामने ही जौनपुर महोत्सव की प्रेस कॉन्फ्रेंस सोमवार को प्लॉप प्रशासनिक व्यवस्था का शिकार हो गई।
जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जिला प्रशासन की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस समय खासा हंगामा खड़ा हो गया जब पत्रकार वार्ता में मान्यता प्राप्त पत्रकारों, गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारो और तमाम समाज सेवी संगठनों की भागीदारी होने की वजह से व्यवस्था के प्रति प्रशासन का उत्साह धीरे-धीरे फीका पड़ने लगा था।
इसके पीछे परियोजना निदेशक विकास भवन करुणाकरन पांडेय द्वारा कुछ चंद चुनिंदा पत्रकारों को आधा किलो इमरती बांटने के मामले ने तूल पकड़ लिया।
दरअसल पत्रकारों को बांटी जाने वाली इमरती में कुछ लोग दो से तीन डिब्बे पैक करा कर जब अपने घर ले जाने लगे । उधर जब कुछ अन्य वरिष्ठ पत्रकारों को कुछ भी नहीं मिला तो इससे खासा हंगामा खड़ा हो गया।
वहां मौजूद पत्रकार साथियों ने यह जानकारी वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र मिश्र विराट को देते हुए उनसे आग्रह किया कि आप इस मामले में जिलाधिकारी से पूछिए
कि आखिर इस तरह का भेदभाव क्यों किया गया।
इसके तुरंत बाद श्री मिश्र ने इस तरह भेदभाव करने के मामले में बेहद गंभीरता दिखाते हुए अपने पत्रकार साथियों को लेकर सीधे जिलाधिकारी के पास पहुंच गए।
वहां वीरेंद्र मिश्र विराट ने अपना मिला प्रशासनिक उपहार वहीं मेजपर फेंक कर कड़ी नाराजगी जताते हुए
प्रदेश सरकार के खेल व युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव के सामने ही डीएम डॉ दिनेश चंद,
सीडीओ ध्रुव चंद खड़िया से यह पूछा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के साथ इस तरह का भेदभाव क्यों किया गया।
पत्रकारों को एक साथ जोड़ने के बजाय उसमें अलग-अलग कैटेगरी निर्धारित करके विवाद पैदा करना यह कहां का न्याय है।
हालांकि पहले जिलाधिकारी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन जब पत्रकार खासे आक्रोशित हो गए और इस व्यवस्था के खिलाफ सख्त नाराजगी जताते हुए पत्रकार वार्ता का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया तो जिलाधिकारी ने इस प्रेसवार्ता के आयोजक विकास भवन के परियोजना निदेशक करुणाकरण पांडेय को मौके पर बुलाकर कड़ी फटकार लगाई।
डीएम ने कहा चूक तो हुई है लेकिन भविष्य में इसका ध्यान रखा जाएगा
यह भी बताते चले की शुरुआती दौर में किसी पत्रकार ने बोलने की साहस नहीं किया ।
लेकिन जब सभी प्रशासनिक पीड़ा का दंश झेलने को विवश पत्रकार साथियों को अपने वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र मिश्र विराट का पुराना तेवर याद आया तो वह उनसे अपनी पीड़ा कहने को विवस हो गए और सभी पत्रकार एकजुटता का प्रदर्शन करने लगे।

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पत्रकारों का अपमान बर्दाश्त नहीं, विराट
जौनपुर। जिले के वरिष्ठ और जूझारू पत्रकार वीरेंद्र मिश्र
विराट ने परियोजना निदेशक करुणाकरण पांडेय
की कार्य प्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने इस मामले में सीधे जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र से पत्रकारों के साथ इस तरह की साजिश और भेदभाव करने के बारे में जब सवाल पूछा तो एक बरगी वह भी चुप्पी साध गए। लेकिन उन्हें जब यह मालूम पड़ा कि अपने ही विभाग के एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस तरह का कार्य किया गया है तो उन्होंने मौजूद पत्रकारों से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी बातें नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल मामला जो भी हो लेकिन अपनी बेबाक चापलूसी और प्रशासन तथा विकास भवन के क्रियाकलापों में श्री पाण्डेय ही इस वक्त बेहद चर्चा में हैं। उनकी यह चर्चा जादुई आंकड़े रखने में माहिर वर्तमान प्रशासन एवं सरकार के आगे सब बौन दिखाई लगने लगे हैं मामला

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परियोजना निदेशक की चतुराई से पिट्टी भद्द
जौनपुर। अपनी उल जलूल कार्य शैली को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले विकास भवन के परियोजना निदेशक करुणाकरण पांडेय के चलते आज जिला प्रशासन को खासी फजीहत झेलनी पड़ी।
क्योंकि वह अगर पत्रकारों में दो ग्रुप की कटेगरी न करते तो आज यह विवाद न पैदा होता। इससे जहां जौनपुर महोत्सव के लिए आयोजित प्रेसवार्ता कार्यक्रम मख़ौल बनकर रह गया । वहीं पत्रकारों द्वारा हंगामा किए जाने से राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव भी खुद काफी असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने जिला अधिकारी से परियोजना निदेशक के कार्य व्यवहार में सुधार करने की बात कही। भविष्य में कम और उपयोगी पत्रकारों को ही बुलाने का निर्णय लिया है । इस बात को लेकर जिला प्रशासन और पत्रकारों के बीच में काफी हलचल देखी गई।

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