Jaunpur news बलिया: नए औषधि निरीक्षक ने संभाला कार्यभार
इन्द्रजीत सिंह मौर्य की रिपोर्ट
बलिया: नए औषधि निरीक्षक ने संभाला कार्यभार
पहले ही दिन 5 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी से हड़कंप
बिना फार्मासिस्ट के चलते मिला मेडिकल स्टोर
बलिया। जनपद में नवागत जिला औषधि निरीक्षक ने अपना कार्यभार ग्रहण करते ही ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने जनपद की पांच प्रमुख मेडिकल फर्मों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक मेडिकल स्टोर बिना फार्मासिस्ट के संचालित होते पाया गया। जबकि कुछ अन्य दवा विक्रेताओं के यहां दवाओँ की खरीद फरोख्त का कोई आंकड़ा नहीं मिला।
प्रतिष्ठान में बेहद ही गंदगी पाई गई। इसे घोर लापरवाही मिलने पर एक स्टोर संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
बताते चले कि पदभार संभालने के पहले ही दिन मंगलवार को डीआई रजत कुमार पांडेय ने जनपद के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की । इसके बाद जिले भर की छोटी बड़ी सभी मेडिकल स्टोर व अन्य विभागीय फर्मो से जुड़े दवा कारोबार की व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े तेवर दिखाए।
जिला औषधि निरीक्षक ने जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने आश्वस्त किया कि जनपद में औषधियों की गुणवत्ता बनाए रखने और अवैध बिक्री रोकने के लिए वे हर संभव सख्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
जिन फर्मों की जांच की गई उनमें मधु फार्मेसी सुखपुरा,
एस.एस. मेडिकल एजेंसी रतसर,
माधव मेडिकल स्टोर सीएचसी रतसर,
न्यू गौरी मेडिकल स्टोर सीएचसी रतसर,
न्यू दीपू मेडिसिन सेंटर गड़वार बलिया शामिल है। इस पूरी जांच पड़ताल के दौरान माधव मेडिकल स्टोर (रतसर) में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति पाई गई।
जिस पर औषधि निरीक्षक ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। अन्य फर्मों में भी कई खामियां मिलने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
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निरीक्षण में मिलीं ये बड़ी खामियां
बलिया। जिले के नए जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय द्वारा विभिन्न मेडिकल स्टोर संचालकों के यहां की गई सघन जांच पड़ताल ने दवा विक्रेताओं के यहां की सभी खामियों को उजागर कर दिया। कई प्रतिष्ठानों पर बेहद गंदगी पाई गई। साफ-सफाई का संतोषजनक नहीं था।
मरीजों को बिक्री रसीद सेल इनवॉइस न देना।
एक्सपायरी दवाओं को उचित लेबल के साथ अलग न रखना। इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि
औषधि निरीक्षक ने सभी मेडिकल संचालकों को औषधि नियमावली 1945 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
