Jaunpur news मौत की डोर से बचने के लिये क्या कुछ कर सकते हैं आप ? सीखिए साहस सिंह से
मौत की डोर से बचने के लिये क्या कुछ कर सकते हैं आप ? सीखिए साहस सिंह से
जनपद में आये दिन चाइनीज मांझे से हो रही दुर्घटनाओं से सभी लोग सहमें हुए हैं कि वे शाम को घर वापस सुरक्षित पहुंच सकेंगे कि नहीं। बुधवार को ही जौनपुर शहर में एक डॉक्टर की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से दर्दनाक मौत ने पूरे जनपद को झकझोर कर रख दिया है।यह जनपद की इकलौती घटना नहीं है।इतने पढ़ें लिखे और संवेदनशील नागरिकों वाले इस जनपद में यह केवल पुलिसिया समस्या नहीं है बल्कि चाइनीज मांझे से धड़ को सर से अलग देखकर भी अगर हमारी अंतरात्मा हमें नहीं धिक्कार रही है और कुछ लोग अपनी मस्ती के लिए चाइनीज मांझे का प्रयोग कर रहे हैं और आये दिन निर्दोष लोगों की जान ले रहे हैं।यह समूचे जनपद के लिए दुखदाई है।खैर! अब हमें गौर करना होगा कि हम मौत के मांझे से स्वयं को बचाने के लिए क्या-क्या कर सकते हैं। सबसे पहले दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट, अच्छा हो कि वह फुल हेलमेट हो, स्वयं पहनने के साथ लीक से हटकर अपने बच्चों को भी छोटे साइज का पहनायें, गर्दन तक मफलर लपेटे अच्छा हो नेक पैड खरीद लें। हाथों में ग्लब्ज पहने और बच्चों को भी पहनायें।कोई चाइनीज मांझा का प्रयोग करें या बेच रहा हो तो पुलिस को सूचित करें,छत, पेड़,तार कही भी चाईनीज मांझा लटका दिखाई दे तो उसे हटा दें।मांझा टच हो तो तुरंत वाहन रोक दें। चाइनीज मांझे से अगर कहीं कट जाता है तो घबरायें नहीं घाव को दबाकर खून बहना रोकें और अस्पताल ले जायें। ज्यादातर मामलों में यही देखने को आया है कि शरीर का जितना ही ढका रहा है उतनी ही कम कम चोट राहगीरों को उठानी पड़ी है।यू के जी में पढ़ने वाले साहस सिंह कहते हैं कि जब मैं और मेरा भाई श्रेष्ठ इतना छोटा होकर हेलमेट, हार्नेस बेल्ट,नेक पैड, ग्लब्ज सब पहन सकता है तो बड़े क्यों नहीं पहन सकते हैं ? बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति है ऐसे में पतंगबाजी चरम पर रहेगी।आसमान में कल पतंगें तो दिखे लेकिन जमीन लहूलुहान न हों इसके लिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है।परवाह करेंगे तो सुरक्षित रहेंगे।
