Jaunpur news कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी’ का गूंजा स्वर: जौनपुर में अभाविप की शोभायात्रा बनी राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
जौनपुर,
’कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी’ का गूंजा स्वर: जौनपुर में अभाविप की शोभायात्रा बनी राष्ट्रीय एकता का प्रतीक
“परिसर का बदलता स्वरूप एवं हमारी भूमिका” सत्र में उभरी मूल्य आधारित शिक्षा की राह
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, काशी प्रांत का 65वाँ प्रांत अधिवेशन 29 से 31 दिसंबर के मध्य जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अस्थायी रूप से बसाए गए ‘रानी अब्बक्का नगर’ में जारी है। द्वितीय दिवस पर “परिसर का बदलता स्वरूप एवं हमारी भूमिका” विषयक भाषण सत्र आयोजित हुआ, जिसमें अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री आशीष चौहान ने अपना मार्गदर्शक वक्तव्य दिया। समानांतर सत्रों में भी इस विषय पर कार्यकर्ताओं एवं छात्र नेताओं द्वारा गहन विमर्श किया गया। भाषण सत्र के उपरांत मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज से टी.डी. कॉलेज तक नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए लगभग 4 किलोमीटर लंबी भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसका जौनपुर के नागरिकों द्वारा सभी प्रमुख चौराहों पर पुष्पवर्षा एवं उत्साहपूर्ण जयघोष के साथ स्वागत किया गया।
अभाविप, काशी प्रांत का प्रांतीय अधिवेशन 29 दिसंबर से प्रारंभ हुआ, जिसमें प्रांत के 18 सांगठनिक जिलों से लगभग 850 कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। प्रथम दिवस पर संगठन ध्वज का ध्वजारोहण, सामूहिक वंदे मातरम्, प्रांत मंत्री प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण, भाषण सत्र एवं नवीन प्रांत अध्यक्ष तथा प्रांत मंत्री निर्वाचन की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान ‘केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में रिक्त सीटें एवं विलंबित प्रवेश प्रक्रिया चिंतनीय’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष: राष्ट्र चेतना का अमर घोष’, ‘स्क्रीन टाइम से ग्रीन टाइम की ओर: संतुलित जीवन की पहल’ तथा ‘सीमांत से सशक्तिकरण तक: सोनभद्र के उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना’ विषयक चार प्रमुख प्रस्ताव प्रतिनिधि सत्र में सुझाव हेतु प्रस्तुत किए गए हैं, जिन्हें प्राप्त सुझावों को समाहित कर आगामी दिवस पर विधिवत पारित किया जाएगा।
शोभायात्रा में “अलग भाषा-अलग वेश, फिर भी अपना एक देश” की भावना सजीव रूप में परिलक्षित हुई। यात्रा के दौरान पूरा नगर “भारत माता की जय” एवं “कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी” जैसे ओजस्वी नारों से गुंजायमान रहा। यह शोभायात्रा कोतवाली चौराहा, किला रोड, कीर्तिकुंज, ओलंदगंज, जेसिस चौराहा सहित प्रमुख मार्गों से होते हुए टी.डी. कॉलेज में संपन्न हुई।
शोभायात्रा के पश्चात टी.डी. कॉलेज ग्राउंड में खुला अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री श्री अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में विभिन्न जिलों एवं शैक्षणिक परिसरों से आए छात्र नेताओं ने शिक्षा, बांग्लादेशी घुसपैठ, समाज, युवाशक्ति एवं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे विषयों पर अपना प्रेरक उद्बोधन दिया। इस अवसर पर अभाविप, काशी के प्रांत अध्यक्ष डॉ. महेंद्र त्रिपाठी तथा प्रांत मंत्री श्री शिवम सिंह ने भी प्रतिनिधियों को संबोधित किया। विभिन्न वक्ताओं में राष्ट्रीय मंत्री श्री अभय प्रताप सिंह ने शैक्षणिक परिसरों की चुनौतियों, प्रांत मंत्री श्री शिवम सिंह ने बांग्लादेशी घुसपैठ के राष्ट्रीय प्रभाव, प्रियांशु वर्मा ने ‘आज का युवा, कल का राष्ट्र-निर्माता’, शिवबाबू चौधरी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम, आर. चित्रा ने ‘सशक्त नारी, समृद्ध भारत’ तथा शुभश्री रणजीत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अपना प्रभावी वक्तव्य दिया। अंत में प्रांत अध्यक्ष डॉ. महेंद्र त्रिपाठी द्वारा आभार ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री श्री अभय प्रताप सिंह ने ‘खुला अधिवेशन’ में शैक्षिक परिसर विषय पर अपने वक्तव्य में कहा कि,”अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर अपने कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं के निवारण हेतु कार्य करती आई है। आज हमें शोधपरक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर अधिक बल देने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में सभी शैक्षिक पाठ्यक्रमों के लिए एक एकीकृत नियामक निकाय की स्थापना भी आवश्यक है। हमें यह स्मरण रखना चाहिए कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रहकर राष्ट्र के पुनर्निर्माण के पावन ध्येय में सहयोग करना होना चाहिए।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, काशी प्रांत के प्रांत मंत्री श्री शिवम सिंह ने ‘खुला अधिवेशन’ में बांग्लादेशी घुसपैठ विषय पर अपना वक्तव्य रखते हुए कहा कि,”बांग्लादेश में हो रही हिंदू अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हिंसा और हाल के घटनाक्रम यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि वहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है और भीड़तंत्र हावी हो रहा है। भारत की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए अवैध घुसपैठ पर कठोर नियंत्रण आवश्यक है। विद्यार्थी परिषद मानती है कि सीमावर्ती सुरक्षा को सुदृढ़ करने, अवैध घुसपैठ रोकने तथा प्रताड़ित हिंदू अल्पसंख्यकों को मानवीय संरक्षण प्रदान करने हेतु भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे संवैधानिक और मानवीय कदम स्वागतयोग्य हैं। राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहअस्तित्व सर्वोपरि हैं और इनके साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं किया जा सकता।”
