January 24, 2026

Jaunpur news अरावली पर संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र, ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी ने बदलापुर में किया जोरदार प्रदर्शन”

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“अरावली पर संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र, ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी ने बदलापुर में किया जोरदार प्रदर्शन”
बदलापुर, जौनपुर (उ.प्र.)।
अरावली पर्वत श्रृंखला और पर्यावरण पर बढ़ते खतरों के विरोध में विज्ञान संगठन ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी के बैनर तले बुधवार को बदलापुर में व्यापक जन-जागरूकता प्रदर्शन किया गया। “अरावली बचाओ – भविष्य बचाओ” के नारे के साथ सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने बरौली (सुल्तानपुर रोड) से इंदिरा चौक तक जुलूस निकालकर अपनी आवाज बुलंद की।
इंदिरा चौक पर आयोजित पोस्टर प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी की श्रीमती अंकिता मौर्य ने कहा कि उद्योगपतियों के स्वार्थ में वनभूमि, जलस्रोतों, पहाड़ियों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का लगातार विनाश किया जा रहा है, जिससे आम जनता में गहरी चिंता व्याप्त है। उन्होंने हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय पर गंभीर सवाल उठाए, जिसमें पर्यावरण मंत्रालय की सिफारिश को स्वीकार करते हुए अरावली में केवल 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली भू-आकृतियों को ही अरावली पहाड़ियों की श्रेणी में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से अरावली पर्वत श्रृंखला के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है और इससे खनन माफियाओं व अतिक्रमणकारियों को खुली छूट मिलने का खतरा पैदा हो गया है। गुजरात से हरियाणा और दिल्ली तक लगभग 700 किलोमीटर में फैली अरावली पहाड़ियाँ न केवल दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में शामिल हैं, बल्कि उत्तरी भारत की पर्यावरणीय सुरक्षा और जैव विविधता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
वक्ताओं ने कहा कि अवैध खनन, रियल एस्टेट के अतिक्रमण और अविवेकपूर्ण विकास नीतियों के कारण अरावली पहले ही बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वर्तमान निर्णय पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में असफल रहा है और इसके दुष्परिणाम करोड़ों लोगों की जीवन-स्थितियों पर पड़ सकते हैं।
प्रदर्शन के दौरान यह भी कहा गया कि आज बढ़ता प्रदूषण, असामान्य मौसम परिवर्तन और लगातार आने वाली प्राकृतिक आपदाएं इसी असंतुलित विकास का परिणाम हैं। आदिवासियों के वन क्षेत्र सिमटते जा रहे हैं, हिमालय क्षेत्र अस्थिर हो चुका है और नदियां, जो देश की जीवन रेखा हैं, गंभीर संकट से गुजर रही हैं।
ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी ने अरावली की रक्षा के लिए आगे आ रहे आम नागरिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्रों, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों से देश की शेष जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष का आह्वान किया।
इस मौके पर अंकित, आशीष, रईस, जितेंद्र, शनि, कोमल, नेहा, किरण, संतोष, अजय, राज सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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