Jaunpur news नवजात शिशुओं के जीवन संरक्षण पर जौनपुर में उच्चस्तरीय चिकित्सकीय प्रशिक्षण
नवजात शिशुओं के जीवन संरक्षण पर जौनपुर में उच्चस्तरीय चिकित्सकीय प्रशिक्षण
उन्नत नियोनेटल पुनर्जीवन कार्यशाला में देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
जौनपुर।
भारतीय अकादमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) जौनपुर के तत्वावधान में रविवार को होटल गोल्डन ट्री में नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल को लेकर उन्नत नियोनेटल पुनर्जीवन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जन्म के तुरंत बाद उत्पन्न होने वाली गंभीर स्थितियों में नवजात शिशुओं के जीवन की रक्षा के लिए चिकित्सकों को आधुनिक ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता से सुसज्जित करना रहा।कार्यक्रम में नवजात पुनर्जीवन से जुड़े नवीन दिशा-निर्देश, मानकीकृत उपचार प्रक्रियाएं और जटिल परिस्थितियों में शीघ्र निर्णय की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लल्लन कुमार भारती ने बताया कि नियोनेटल पुनर्जीवन कार्यक्रम ने 35 वर्षों की सफल यात्रा पूरी कर ली है और इसके अनुभवों को आगे बढ़ाने के लिए देशभर में निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।आईएपी की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रुचिरा महेश्वरी गुप्ता ने नवजात देखभाल में समन्वित एवं सतत प्रशिक्षण को समय की आवश्यकता बताया। जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मनाजिर अली ने जटिल नवजात मामलों में चिकित्सकीय निर्णय प्रक्रिया को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट किया। वहीं मेदांता अस्पताल, लखनऊ के विभागाध्यक्ष डॉ. आकाश पंडिता ने नवजात देखभाल में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।आगामी 10 मई को होगा देशव्यापी प्रशिक्षण, हर माह निःशुल्क जांच की पहल
एसजीपीजीआई, लखनऊ की प्रोफेसर डॉ. अनिता सिंह ने नवजात गहन देखभाल के मानकीकृत प्रोटोकॉल प्रस्तुत किए, जबकि कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज, बुलंदशहर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ब्रजेन्द्र सिंह ने आपातकालीन प्रबंधन के महत्वपूर्ण व्यावहारिक बिंदुओं को साझा किया।डॉ. लल्लन भारती ने बताया कि आगामी 10 मई को पूरे देश में एक साथ नियोनेटल पुनर्जीवन का देशव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग तीन हजार 500 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण को मजबूत करने के लिए अगले एक वर्ष तक प्रत्येक माह की 10 तारीख को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श सेवा प्रदान की जाएगी।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक डॉ. एच. पी. सिंह रहे। विशेष अतिथि के रूप में आईएपी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. डी. एम. गुप्ता तथा उमा नाथ सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज, जौनपुर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ए. ए. जाफरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सचिव डॉ. विपुल सिंह एवं संयुक्त सचिव डॉ. गुंजन पटेल ने किया।कार्यक्रम समन्वयक डॉ. फैज़ अहमद, डॉ. अरविन्द कुमार सिंह एवं डॉ. मुकेश शुक्ला के सहयोग से आयोजन सफल रहा। समापन अवसर पर आईएपी जौनपुर के अध्यक्ष डॉ. सरोज यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
