January 24, 2026

Jaunpur news कीलर मांझे के खिलाफ जनआंदोलन: शहर भर में पोस्टर अभियान, नागरिकों ने खुद संभाली मोर्चेबंदी

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जौनपुर में कीलर मांझे के खिलाफ जनआंदोलन: शहर भर में पोस्टर अभियान, नागरिकों ने खुद संभाली मोर्चेबंदी


जौनपुर। पतंगबाजी के नाम पर लोगों की जान लेने वाले प्रतिबंधित चाइनीज, नायलॉन और सिंथेटिक मांझे के खिलाफ जौनपुर में अब जनता खुलकर सामने आ गई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के वर्ष 2017 के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में खुलेआम बिक रहे घातक मांझे के विरोध में नागरिकों ने पोस्टर अभियान शुरू कर दिया है।

हाल ही में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। 11 दिसंबर 2025 को शास्त्री ब्रिज पर अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर लौट रहे निजी स्कूल शिक्षक संदीप तिवारी (40 वर्ष) की गर्दन प्रतिबंधित मांझे से कट गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों में गहरा आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई लोग इस जानलेवा धागे का शिकार हो चुके हैं, जबकि पक्षी और जानवर भी लगातार घायल हो रहे हैं।

इसी पृष्ठभूमि में “कीलर मांझा मुक्त अभियान समिति” के बैनर तले शहर में व्यापक जनजागरूकता अभियान छेड़ा गया। चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पोस्टरों में बड़े अक्षरों में संदेश दिए गए हैं—
“प्रतिबंधित मांझा: मौत का फंदा” और “नायलॉन/प्लास्टिक/सिंथेटिक मांझा पूर्णतः प्रतिबंधित”। पोस्टरों में दिखाई गई भयावह तस्वीरें लोगों को इस खतरे की गंभीरता का एहसास करा रही हैं।

अभियान के संयोजक एवं अधिवक्ता अतुल सिंह ने कहा कि प्रशासन को कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जनता से अपील की कि प्रतिबंधित मांझा न खरीदें, न बेचें और न ही उपयोग करें। केवल सूती धागे का प्रयोग करें, ताकि पतंगबाजी की खुशी किसी की मौत का कारण न बने। उन्होंने यह भी बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर पांच साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

अभियान से जुड़े डॉ. अब्बासी ने कहा कि प्रतिबंधित मांझा सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पक्षियों और जानवरों के लिए भी बेहद घातक है। एक चिकित्सक होने के नाते उन्होंने कई गंभीर मामलों को नजदीक से देखा है। मकर संक्रांति से पहले यह अभियान इसलिए चलाया जा रहा है ताकि कोई और परिवार उजड़ने से बच सके।

वहीं दिव्यप्रकाश सिंह ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मौतें हो रही हैं, तब भी बाजारों में यह जानलेवा धागा बिकना बेहद चिंताजनक है। युवाओं से उन्होंने सुरक्षित पतंगबाजी और सूती मांझे के उपयोग की अपील की।

समिति ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि कहीं भी प्रतिबंधित मांझे का भंडारण, बिक्री या उपयोग दिखाई दे तो तत्काल 9670669699, 9565444444 या 8318726612 पर सूचना दें। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला एनजीटी या उच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा।

इस अवसर पर विकास तिवारी, अतुल सिंह, डॉ. अब्बासी, आशीष शुक्ला, दिव्यप्रकाश, सुधांशु सिंह, अंकित यादव, निर्भय, अली नवाज, रजकुमार प्रजापति, लकी विश्वकर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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