Jaunpur news Ph.D. प्रवेश में आरक्षण अनियमितताओं को लेकर शिक्षक संघ सक्रिय, राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा
Ph.D. प्रवेश में आरक्षण अनियमितताओं को लेकर शिक्षक संघ सक्रिय, राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा
जौनपुर।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की Ph.D. प्रवेश प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के कथित उल्लंघन और स्ववित्तपोषित शिक्षकों की शोध-निर्देशक मान्यता से जुड़े मामलों को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। इन मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से आक्रोशित शिक्षक संघ ने सीधे राजभवन का रुख किया है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ ने माननीय कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल को औपचारिक पत्र भेजकर प्रतिनिधिमंडल को शीघ्र भेंट का समय दिए जाने का अनुरोध किया है, ताकि Ph.D. प्रवेश प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितताओं और शोध-निर्देशक मान्यता से जुड़े विवादों पर विस्तृत चर्चा कर न्यायोचित समाधान निकाला जा सके।
संघ के इकाई अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार मिश्र ने प्रेस को जारी बयान में आरोप लगाया कि Ph.D. प्रवेश में महिलाओं, दिव्यांगजनों, भूतपूर्व सैनिकों तथा अन्य आरक्षित वर्गों को नियमों के अनुरूप लाभ नहीं दिया जा रहा है। साथ ही रोस्टर प्रणाली के दुरुपयोग के जरिए दोहरी नीति अपनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि अशासकीय सहायता-प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत स्ववित्तपोषित शिक्षक वर्षों से शोध-निर्देशन का कार्य कर रहे हैं, बावजूद इसके उनकी शोध-निर्देशक सूची अब तक जारी नहीं की गई है।
डॉ. मिश्र ने उम्मीद जताई कि राजभवन से हस्तक्षेप कर इन गंभीर मुद्दों का शीघ्र और स्थायी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल में डॉ. प्रमोद श्रीवास्तव, डॉ. सी.बी. पाठक, डॉ. राकेश प्रताप सिंह, डॉ. नागेंद्र नाथ एवं डॉ. सुशील कुमार मिश्र शामिल हैं।
शिक्षक संघ का कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया जा सकता है।
