Jaunpur news साहस के शौक को बड़े भी अदब से करते हैं सलाम
साहस के शौक को बड़े भी अदब से करते हैं सलाम
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए मिसाल बना एक मासूम बालक
जौनपुर।
वैसे यातायात जागरूकता माह पूरे नवम्बर चलेगा। लेकिन जिले के मछली शहर तहसील अंतर्गत पांच वर्षीय एक मासूम हेलमेट और सेफ्टी हार्नेस बेल्ट लगाकर बाइक और स्कूटर पर चलने से पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। इस बच्चे की लगनशीलता को देखकर हर कोई अब ट्रैफिक नियमों का पालन करने के प्रति खुद को सोचने को मजबूर दिखता है।
जी हां हम बात कर रहे हैं मछलीशहर के बामी गांव निवासी इस बच्चे की। जिसे हार्नेस बेल्ट और हेलमेट लगाने में उतना ही मजा आता है,जितना बच्चों को खिलौनों से खेलने में आनन्द आता है। नये मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार तो चार वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए हेलमेट अनिवार्य है । साथ में हार्नेस बेल्ट भी लगाना जरूरी है लेकिन नियम कानून अपनी जगह हैं ।
इस बच्चे का उत्साह देखकर मन खुश हो जाता है। मछलीशहर -जंघई रोड़ के हाइवे बनने के बाद जहां आये दिन दुर्घटनायें हो रही हैं। काफी संख्या में लोग तेज रफ्तार और बिना हेलमेट लगाकर चलने के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं। ऐसे में यह छोटा बच्चा हेलमेट और हार्नेस बेल्ट लगाकर खुशी-खुशी चलता है। बच्चे के बारे में बताते हुए इसके दादा जितेन्द्र बहादुर सिंह कहते हैं कि कितने आश्चर्य की बात है कि बिना हेलमेट के हजारों की संख्या में बच्चे सड़क पर चलते हुए दिखते हैं।
लेकिन साहस कभी यह तर्क नहीं करता है कि सड़क पर गुजरने वाला कोई बच्चा हेलमेट और हार्नेस बेल्ट नहीं लगाता है, तो मैं क्यों लगाऊं ?
ऐसा नहीं है कि यह उसका दो चार दिनों का शौक है। हेलमेट लगाते उसे पूरे 11 महीने हो गया लेकिन जुनून वैसे ही बरकरार है। वह कहते हैं कि हमने भी घर भर के लिए दर्जन भर हेलमेट खरीद दिया है।
घर के शेष चारों छोटे बच्चे धैर्य, श्रेष्ठ,श्रीशा, शगुन सहित महिला पुरूष जो भी सड़क पर जाता है, बिना हेलमेट के नहीं जाता है।
