Jaunpur news सशक्त भारत के नायक हैं कलाम: लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह
सशक्त भारत के नायक हैं कलाम: लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह
कलाम सशक्त भारत के सपनों का आधार हैं: ज्ञान प्रकाश सिंह
जौनपुर। भारत के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न और मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज, जौनपुर के सौदागर हाल में “एक सशक्त राष्ट्र निर्माण में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का योगदान” विषय पर भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. एम. हसीन खान (सुहेलदेव विश्वविद्यालय), प्रो. बाला लखेन्द (बीएचयू) और ब्रुनेई के समाजसेवी अहमद शमीम उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि से हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने डॉ. कलाम के जीवन पर कविताएँ, भाषण और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गूंज उठा।
प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर ने स्वागत संबोधन में कहा कि “डॉ. कलाम का जीवन शिक्षा, विज्ञान, अनुशासन और चरित्रबल का प्रतीक है। उन्होंने भारत को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया और युवाओं में आत्मविश्वास व जिम्मेदारी की भावना जगाई।”
लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने कहा, “सशक्त भारत की असली पहचान कलाम हैं। उन्होंने दिखाया कि अनुशासन, देशप्रेम और विज्ञान के संगम से ही आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।”
मुख्य अतिथि ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा, “डॉ. कलाम केवल वैज्ञानिक नहीं, बल्कि समाजसेवा के प्रतीक थे। उन्होंने सिखाया कि सच्ची मिसाइल वह है जो ज्ञान, चरित्र और सेवा की शक्ति से समाज को ऊँचाइयों तक पहुँचाती है।”
विशिष्ट अतिथि प्रो. एम. हसीन खान ने कहा कि “सीमित संसाधनों के बावजूद डॉ. कलाम ने भारत को वैश्विक पहचान दिलाई।”
प्रो. बाला लखेन्द ने उन्हें “सच्चा शिक्षक” बताते हुए कहा कि “शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावशाली अस्त्र है।”
समाजसेवी अहमद शमीम (ब्रुनेई) ने कहा, “जब युवा सेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी को अपनाते हैं, तभी भारत सशक्त बनता है।”
कार्यक्रम में समान फातिमा ने डॉ. कलाम के जीवन पर प्रेरक भाषण दिया, जिसे खूब सराहा गया। विद्यार्थियों ने “विज्ञान और युवा शक्ति” विषय पर पोस्टर प्रदर्शनी और नाट्य प्रस्तुति भी दी।
इस अवसर पर प्राचार्य ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया तथा NSS, NCC और स्काउट-गाइड के मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए।
गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली आकृति जायसवाल तथा पीआरडी परेड में सम्मिलित होने वाली ज्योति यादव और प्रियंका यादव को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अहमद अब्बास खान ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर मोहम्मद नासिर खान, राधेश्याम सिंह मुन्ना, कीर्ति पांडेय, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. नगमा यासमीन, डॉ. शहनवाज खान, डॉ. कमरुद्दीन शेख, डॉ. जीवन यादव, आर.पी. सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. नीलेश सिंह, डॉ. विवेक विक्रम, डॉ. अमित जायसवाल, डॉ. प्रेमलता गिरी सहित अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
सभी ने कॉलेज प्रशासन की इस पहल की सराहना की और कहा कि डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का सपना – सशक्त, आत्मनिर्भर और शिक्षित भारत – तभी साकार होगा जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा और ईमानदारी से करे।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
