January 24, 2026

Jaunpur news मोबाइल का प्रयोग शरीर के लिए घातक: डा0 सिद्धार्थ

Share

ज्यादा देर तक मोबाइल का प्रयोग शरीर के लिए घातक: डा0 सिद्धार्थ

जेब में फटने से उड़े मांस के टुकड़े, जनपद के प्रख्यात सर्जन के प्रयास से युवक की हालत में सुधार

Jaunpur news जौनपुर। युवक के जेब में रखी मोबाइल फटने से मांस के टुकड़े उड़ गए। दो स्थानों से रिफर होने के बाद उसे जिले के वाजिदपुर तिराहा स्थित सिद्धार्थ हॉस्पिटल के प्रख्यात सर्जन डा0 लाल बहादुर सिद्धार्थ ने ठीक कर दिया। अब उसकी हालत पूरी तरह खतरे से बाहर है। मलहम पट्टी के लिए सप्ताहभर बाद उसे फिर बुलाया गया है। पड़ोसी जिला सुलतानपुर के चाँदा स्थित भीटी गांव निवासी विवेक यादव उम्र 23 वर्ष पुत्र अभयराज से बीते 22 जनवरी को किसी से विवाद हो गया। विपक्षी ने किसी वस्तु से विवेक के पैर पर प्रहार कर दिया। वह पैर में न लगकर जेब में रखी मोबाइल पर लग गयी। जिससे तेज आवाज के साथ मोबाइल फट गयी। इस दौरान उसके दाहिने पैर में गंभीर चोटें आ गयी। आलम यह हो गया कि गहरे जख्म के साथ मांस के चिथड़े उड़ गए। आनन-फानन उसे खून से लथपथ हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चांदा ले जाया गया। हालत में सुधार न होते देख जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया। परन्तु वहां भी आराम नहीं मिला। इधर बीच वह उपचार के लिए अस्पतालों का चक्कर काटता रहा किन्तु उसका जख्म हरा-भरा ही रह गया। बाद में मालूम होने पर 12 फरवरी को जनपद के सिद्धार्थ हॉस्पिटल एण्ड मल्टी स्पेशिलियटी हॉस्पिटल के जाने-माने सर्जन डा0 लाल बहादुर सिद्धार्थ को दिखाया गया। उन्होंने अपने प्राथमिक उपचार में ही ऐसा कारनामा दिखाया कि घाव तेजी से सूखने लगा। सोमवार को उसे फिर अस्पताल बुलाया गया। जहां पर संतोष जनक आराम मिलने पर मलहम पट्टी के बाद उसे छोड़ दिया गया। परिजन के अनुसार विवेक अब पूरी तरह से स्वास्थ है। अस्पताल के सर्जन डा0 लाल बहादुर सिद्धार्थ ने बताया कि घाव पूरी तरह से ठीक होने पर प्लास्टिक सर्जरी करानी पड़ेगी। मोबाइल फटने के बारे में बताया कि इसका प्रयोग लोगों को कम से कम करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा देर तक बात करने पर वह स्वयं से गर्म हो जाती है। जिससे फटने का डर रहता है। इससे निकलने वाली रेंज भी शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। मोबाइल सीधे जेब में न रखकर कवर का प्रयोग करें। मोबाइल फटने पर कभी-कभी जान भी चली जाती है। इस मौके पर फिजिशियन राजेश त्रिपाठी डॉ. राजेंद्र सिद्धार्थ, डॉ. विनोद कुमार यादव, पोरस सिद्धार्थ, मुन्ना सिद्धार्थ, अजय सोनकर, धर्मेंद्र सिद्धार्थ, धर्मेंद्र यादव, लक्ष्य सिद्धार्थ, डॉ सतीश पांडे, डॉ.ओ पी यादव उपस्थित रहे।

About Author