August 24, 2026

Jaunpur news हक़ पर रहने के बावजूद माफी मांगने वाला जन्नती- मौलाना वसीमतारापुर में आयोजित हुआ जलसा सीरतुन्नबी, रात भर जुटे रहे अकीदतमंद

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हक़ पर रहने के बावजूद माफी मांगने वाला जन्नती- मौलाना वसीम
तारापुर में आयोजित हुआ जलसा सीरतुन्नबी, रात भर जुटे रहे अकीदतमंद

जौनपुर। मौलाना वसीम अहमद शेरवानी ने रविवार की रात नगर के मोहल्ला तारापुर में कहा कि जो हक़ पर हो, उसके बावजूद झुक कर सुलह कर ले वो जन्नती होता है। दूसरों से सुलह कर लेना बड़प्पन होता है। आप सही हों, उसके बाद भी लोगों से नरमी से पेश आएं, ये बड़ी बात होती है। मौलाना वसीम 9 रबीउल अव्वल के मौके पर अंजुमन बागे रसूल की तरफ से आयोजित जलसा सीरतुन्नबी मदहे सहाबा को खेताब कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि किसी के अमानत की हिफाज़त करना अमानतदार की निशानी है। जिसकी अमानत हो उसे पूरी-पूरी अदा की जाय। बच्चों का पेट पाला जाय तो हलाल दौलत से। उनके जिस्म पर कपड़े हलाल दौलत से पहनाए जाएं। उनके सिर पर छत हलाल दौलत से बनाई जाए। बच्चों को नमाज़ी बनाएं, यही अमानत की अदायगी है। हमें अच्छे डॉक्टर चाहिए, अच्छा वकील चाहिए, हमारा बच्चा इसके लिए काबिल बने, इसके लिए भी कोशिश की जानी चाहिए। लेकिन, आख़िरत पहले मजबूत होनी चाहिए। अल्लाह को हर हाल में राज़ी किया जाना चाहिए। इसके बिना दुनिया में कामयाबी हासिल नहीं होगी। जो भी इंसान अपने पड़ोसी का ख्याल नहीं रखता वो गुनाहगार होता है। मौलाना आफाक अहमद ने खेताब करते हुए सूरह फातिहा के मायने बताए। कहा कि इंसान अगर अल्लाह के बताए रास्ते पर चले तो ज़रूर कामयाब होगा। आज इंसान घाटे में है लेकिन, जो लोग ईमान लाये वो कामयाब हैं। हाफिज ज़फर, मौलाना आरिफ ने भी जलसे को खेताब किया।

हम ग़ुलामे मुस्तफा हैं, तुम समझते क्यों नहीं
तारापुर में आयोजित जलसा सीरतुन्नबी मदहे सहाबा में जनपद के कई मशहूर नतख्वां ने भी शिरकत की। नेजामत करते हुए नतख्वां यामीन जौनपुरी ने अपनी नात हम ग़ुलामे मुस्तफा हैं, तुम समझते क्यों नहीं, पढ़ कर लोगों को वाहवाही लूटी। इसके बाद नतख्वां एहसान और हाफिज़ सेराज ने अपनी नात तेरी तारीफ ऐ मौला बड़ा ही शान वाला, पढ़ी तो लोग अकीदत में डूब गए।

अमन और तरक्की के लिए हुई दुआ
जलसे के अंतिम दौर में मुल्क के अमन और तरक्की के लिए दुआ कराई गई। मौजूद लोगों ने मुल्क में खुशहाली, विकास, आपसी भाईचारे, सभी धर्मों के सद्भाव के लिए एकसाथ हाथ उठाए। इस दौरान हाजी लियाकत अली, हाजी शफीक खां, शफीक अंसारी, महमूद अंसारी, हफ़ीज़ अंसारी,

जलसे को बनाया कामयाब
जलसे के आयोजन कमेटी में दिलशाद अहमद, इक़बाल अहमद, जावेद अंसारी, इरशाद अंसारी, महताब आदि शामिल रहे।

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