August 10, 2026

Jaunpur news रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य में किराना दुकानदार के 5.10 लाख रुपये फंसे, भुगतान मांगने पर धमकी देने का आरोप।

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रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य में किराना दुकानदार के 5.10 लाख रुपये फंसे, भुगतान मांगने पर धमकी देने का आरोप।

जफराबाद(जौनपुर) जफराबाद रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान श्रमिकों के लिए किराना सामग्री उपलब्ध कराने वाले एक दुकानदार ने करीब 5 लाख 10 हजार रुपये की बकाया धनराशि का भुगतान न करने और पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित दुकानदार ने जफराबाद थाने में प्रार्थना पत्र देकर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तथा अपनी बकाया धनराशि दिलाने की मांग की है।
ग्राम गोड़ा खास (खोजनपुर), जफराबाद निवासी दिलीप कुमार सिंह ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। जफराबाद कस्बे के नासही मोहल्ले में ‘दिलीप किराना स्टोर’ के नाम से दुकान चलाते हैं। करीब एक वर्ष से जफराबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे का कार्य वृहद रूप से चल रहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं मजदूर कार्यरत हैं।
दिसंबर 2025 में उसकी दुकान पर नूर अली नामक व्यक्ति तथा उसके साथ कन्हैयालाल, निवासी ग्राम गढ़ियानी, पोस्ट नगला सिंधी, थाना टुंडला, जिला फिरोजाबाद पहुंचे। उन्होंने बताया कि जफराबाद रेलवे स्टेशन का कार्य VIPL कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। नूर अली कंपनी के जफराबाद कार्यक्षेत्र का हेड है। कन्हैयालाल के माध्यम से कर्मचारियों और मजदूरों के खाने का ठेका लिए जाने की बात बताई गई।
आरोप है कि इसके बाद दुकानदार से चावल, दाल, आटा, तेल, मसाला सहित अन्य किराना सामग्री उधार ली जाने लगी। भुगतान का भरोसा दिलाते हुए कहा गया कि जैसे-जैसे पेमेंट आएगा, सामान का पैसा दे दिया जाएगा। दुकानदार ने विश्वास करके लगातार सामान उपलब्ध कराया। कुछ रकम उसके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते में समय-समय पर भेजी भी गई।
मई 2026 तक बकाया रकम काफी अधिक हो गई। जब उन्होंने भुगतान की मांग की तो संबंधित लोगों द्वारा पेमेंट मिलने पर पैसा देने की बात कही जाती रही। 16 जून 2026 तक किराना सामान की आपूर्ति की, जिसके बाद कन्हैयालाल और नूर अली ने सामान लेना बंद कर दिया। करीब ₹5,10,000 की बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया।
पीड़ित का आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर कन्हैयालाल कथित रूप से छिपता रहा और पैसे देने से बचता रहा। इसके बाद 22 जुलाई 2026 को वह रेलवे स्टेशन पर मिला। दुकानदार ने पैसे देने की बात कही तो पुलिस बुलाकर कार्रवाई करने की बात कही गई। इस दौरान नूर अली ने जिम्मेदारी लेते हुए दुकानदार से कहा कि वह कन्हैयालाल को छोड़ दे, पैसा वह स्वयं दिला देगा। दुकानदार ने विश्वास करके तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन उसके अनुसार अब तक भुगतान नहीं किया गया।

(इनसेट)
पैसे मांगने पर गाली-गलौज और ट्रेन के नीचे फेंकने की धमकी का आरोप।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 9 अगस्त 2026 की सुबह करीब आठ बजे दिलीप कुमार बकाया पैसे मांगने के लिए नूर अली से मिलने जफराबाद रेलवे फाटक के पास पहुंचे। वहां नूर अली अपने चार-पांच कर्मचारियों के साथ मौजूद था। दुकानदार द्वारा पैसे न देने पर कार्रवाई की बात कहने पर नूर अली और उसके साथ मौजूद अज्ञात लोगों पर गाली-गलौज करने तथा धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
दिलीप कुमार के मुताबिक उन्हें धमकी दी गई कि अब दोबारा पैसा मांगने मत आना, नहीं तो ट्रेन के नीचे फेंक दिया जाएगा।
पीड़ित का कहना है कि आरोपितों ने उसकी दुकान से सामान ले लिया, लेकिन भुगतान नहीं किया, जिसके कारण उसकी दुकान बंद होने की स्थिति में पहुंच गई है और पूरा परिवार भुखमरी की स्थिति में है।
हालांकि, प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच और संबंधित पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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