Jaunpur news शिक्षा में युवा नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों पर मंथन
शिक्षा में युवा नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों पर मंथन
.चैंपियन शिक्षकों के सम्मान के साथ संविधान प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
खेतासराय ,जौनपुर। आज़ाद शिक्षा केंद्र, सीवाईसी (नई दिल्ली) और वार्तालीप (नई दिल्ली) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को आसमा इंटर कॉलेज, पारा कमाल में आयोजित “बियॉन्ड राइट एंड रॉन्ग : यूथ लीडरशिप इज़ चेंजिंग द गेम” विषयक संवाद कार्यक्रम में शिक्षा, युवा नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान, संविधान निर्माण की प्रक्रिया तथा संविधान सभा के सदस्यों के जीवन और विचारों पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई। कॉलेज के प्रबंधक डॉ. अब्दुल वाहिद कासमी व इरफान जौनपुरी ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
उद्घाटन संबोधन में डॉ. अब्दुल कासमी ने आज़ाद शिक्षा केंद्र की पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि “सही और गलत के पार” विषय हमें सीमित सोच से आगे बढ़कर संवाद और समाधान की दिशा में सोचने की प्रेरणा देता है। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य वक्ता डॉ. फखरुद्दीन कासमी ने कहा कि जिस प्रकार संविधान और कानून देश की आत्मा हैं, उसी प्रकार युवा देश की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका केवल अपने भविष्य तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के विकास से जुड़ी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और जल संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने वाला युवा ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दे सकता है।
कार्यक्रम के दौरान “चैंपियन एजुकेटर” सम्मान के लिए आयोजित पैनल चर्चा में शिक्षा को अधिक सहभागी, संवादपरक और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली बनाने पर विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर सुरेंद्र मिश्रा, प्रवक्ता मिर्जा जरयाब बेग, शिशिर यादव, सैयद मुसर्रत मखदूम, सबी फातिमा, डॉ. पीयूष श्रीवास्तव को “चैंपियन एजुकेटर” सम्मान से सम्मानित किया गया।
अंत में आजाद शिक्षा केंद्र के निदेशक निसार अहमद ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर जूरी मेंबर मास्टर अब्दुल हक, यूथ लीडर अबुजर, तारिक सफीक, मोहम्मद अकरम मौजूद थे।
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नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास पर दिया जोर
खेतासराय। चर्चा का केंद्र यह रहा कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में ऐसा वातावरण कैसे विकसित किया जाए, जहाँ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास हो सके। प्रतिभागियों ने शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच विश्वास, सम्मान और संवाद को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने लिखित रूप में व्यक्तिगत संकल्प लिया। किसी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तो किसी ने जल संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और संवैधानिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का वचन दिया।
