Jaunpur news नशाखोरी की गिरफ्त में युवा पीढ़ी, सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल
नशाखोरी की गिरफ्त में युवा पीढ़ी, सड़कों पर पैदल चलना मुश्किल
मछलीशहर क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी इलाकों में युवा नशाखोरी की लत में बुरी तरह से फंसते जा रहे हैं।गुटखा की लत तो सबसे तेज़ फैल रही है। तहसील क्षेत्र की स्थानीय बाजारों और कस्बों में अगर आप पैदल चल रहें हैं तो हर कदम बचाकर रखने पर भी सम्भावना है कि आपके पैर में जूते, चप्पल में गुटखे की पीक जरुर लग जाये। युवा पीढ़ी को जब परिवार और सरकार दोनों द्वारा इतनी लागत से जी डी पी में योगदान देने के लायक बनाती है तब वे कैंसर का शिकार हो जा रही है। परिवारों पर पहाड़ टूट जा रहा है और सरकार जनता के टैक्स का पैसा जो इनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य पर खर्च करती है सब बर्बाद हो जा रहा है। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों का विचार है कि गुटखे का उत्पादन और बिक्री पूर्ण प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।तभी युवा पीढ़ी को इस लत से बचाया जा सकेगा। शराब के नशे की शुरुआत में बारात और पंचायती चुनाव विशेष भूमिका निभाते हैं क्योंकि इन दोनों अवसरों पर नये लड़कों को मुफ्त में दारु पिलाने वाले मिल जाते हैं।अब जबकि शादी विवाह का दौर चल रहा है और सामने पंचायत चुनाव भी है ऐसे में नये लड़के धड़ाधड़ दारू चख रहे हैं। थोड़ा-थोड़ा पीने की यही आदत आगे चलकर लत बन जायेगी।
