Jaunpur news सहखातेदार की जमीन से अवैध मिट्टी खनन पर कोर्ट सख्त, सरायख्वाजा पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश
जौनपुर सहखातेदार की जमीन से अवैध मिट्टी खनन पर कोर्ट सख्त, सरायख्वाजा पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का आदेश
जौनपुर।जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के सद्धोपुर गांव में सहखातेदारों की भूमि से अवैध रूप से मिट्टी निकालकर बेचने के मामले में जनपद न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने थाना सरायख्वाजा को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर विधि अनुसार विवेचना करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
प्रकरण में सद्धोपुर गांव निवासी शिवश्याम सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि वह अपने भाइयों उदयभान, घनश्याम, तेजभान, स्वर्गीय इन्द्रभान, राधेश्याम, ललितभान समेत अन्य लोगों के साथ आराजी संख्या 115 के सहखातेदार और भूमिधर हैं। इसी भूमि में विनय कुमार सिंह भी सहखातेदार हैं।
आरोप है कि 16 मई 2025 की रात विनय कुमार सिंह ने अन्य सहखातेदारों की सहमति के बिना जेसीबी मशीन लगाकर करीब तीन फीट गहरी मिट्टी की खुदाई कर उसे बेच दिया, जबकि शेष मिट्टी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से अपने कब्जे में ले ली।
मामले की शिकायत पर खनन निरीक्षक जौनपुर ने 5 जून 2025 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर बिना सहखातेदारों की अनुमति के खनन कार्य होने की पुष्टि की थी और थाने में मुकदमा दर्ज किए जाने की संस्तुति की थी। वहीं, राजस्व लेखपाल की रिपोर्ट में भी संबंधित आराजी के कुछ हिस्से से मिट्टी निकाले जाने की पुष्टि हुई थी।
इसके बावजूद पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न कर केवल निरोधात्मक कार्रवाई किए जाने पर प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों, तथ्यों एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए माना कि प्रकरण में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराना आवश्यक है।
अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि थाना सरायख्वाजा जनपद जौनपुर मामले में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार जांच सुनिश्चित करे।
वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता शेषनाथ सिंह सोलंकी ने पैरवी की। वहीं अभियुक्त विनय सिंह जौनपुर रेलवे स्टेशन पर पार्सल बाबू के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।
इस आदेश के बाद मामले में पुलिसिया और कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
