Jaunpur news पांच साल का ‘साहस’ बना सड़क सुरक्षा का रोल मॉडल बड़ों को सिखा रहा हेलमेट और हार्नेस बेल्ट लगाने की सीख
पांच साल का ‘साहस’ बना सड़क सुरक्षा का रोल मॉडल — बड़ों को सिखा रहा हेलमेट और हार्नेस बेल्ट लगाने की सीख
जौनपुर (मछलीशहर)। यातायात जागरूकता माह के दौरान जहां पुलिस और प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं, वहीं विकासखंड मछलीशहर के बामी गांव का पांच वर्षीय बच्चा साहस खुद एक मिसाल बन गया है।
यूकेजी में पढ़ने वाला यह नन्हा बालक न सिर्फ अपने उम्र के बच्चों बल्कि बड़ों को भी सड़क सुरक्षा का सबक दे रहा है। साहस जब भी बाइक या स्कूटी पर सवारी करता है, तो हेलमेट और सेफ्टी हार्नेस बेल्ट पहनना कभी नहीं भूलता। उसके लिए यह सुरक्षा उपकरण खिलौनों जितने ही प्रिय हैं।
नए मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार चार वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए हेलमेट और हार्नेस बेल्ट लगाना अनिवार्य है। लेकिन साहस नियम के कारण नहीं, बल्कि अपनी समझदारी और जागरूकता के कारण यह आदत निभा रहा है।
उसके दादा जितेन्द्र बहादुर सिंह गर्व से बताते हैं — “हजारों बच्चे बिना हेलमेट के सड़कों पर चलते हैं, लेकिन साहस ने कभी यह नहीं कहा कि बाकी नहीं लगाते तो मैं भी क्यों लगाऊं। उसे हेलमेट लगाते एक साल हो गया है और उसका उत्साह आज भी वही है।”
उन्होंने बताया कि अब उनके घर में सभी — बच्चे और बड़े — बिना हेलमेट के बाहर नहीं निकलते। परिवार ने छोटे-बड़े सभी साइज के दर्जनभर हेलमेट खरीद रखे हैं ताकि सड़क सुरक्षा सबकी दिनचर्या बन सके।
मछलीशहर–जंघई रोड पर आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के बीच साहस का यह उदाहरण लोगों को यह संदेश देता है कि सुरक्षा उम्र नहीं देखती — बस जागरूकता की जरूरत है।
