Jaunpur news स्थानांतरण आदेश के बावजूद तीन सप्ताह से कार्यमुक्त नहीं हुए कर्मचारी, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

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स्थानांतरण आदेश के बावजूद तीन सप्ताह से कार्यमुक्त नहीं हुए कर्मचारी, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
जौनपुर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के जौनपुर कार्यालय में स्थानांतरण आदेश के अनुपालन को लेकर मामला चर्चा में है। कार्यकारी सहायक मोहन पांडे का तबादला आदेश जारी होने के करीब तीन सप्ताह बाद भी उन्हें वर्तमान कार्यालय से कार्यमुक्त नहीं किए जाने पर विभागीय व्यवस्था और स्थानांतरण नीति के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बताया गया है कि मुख्य अभियंता, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से 15 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत मोहन पांडे का स्थानांतरण किया गया था। निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद स्थानांतरण स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार मोहन पांडे लंबे समय से जौनपुर कार्यालय में एक ही पटल पर कार्यरत हैं। आरोप है कि करीब 15 वर्षों से एक ही पटल पर तैनाती के बावजूद समय-समय पर स्थानांतरण व्यवस्था का प्रभावी अनुपालन नहीं हो सका। अब स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद भी कार्यमुक्ति नहीं होने से कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
कर्मचारी संगठनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि स्थानांतरण आदेशों का समयबद्ध तरीके से पालन होना चाहिए, ताकि विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और किसी कर्मचारी को लंबे समय तक एक ही पटल पर तैनात रखने की स्थिति न बने।
मामले में मांग की गई है कि स्थानांतरण आदेश का तत्काल अनुपालन कराते हुए संबंधित कर्मचारी को कार्यमुक्त किया जाए। साथ ही लंबे समय तक एक ही पटल पर तैनाती और आदेश के अनुपालन में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
अब देखना होगा कि विभागीय उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और स्थानांतरण आदेश के अनुपालन को लेकर उठ रहे सवालों का क्या समाधान निकलता है।