February 7, 2026

Jaunpur news नशे के सौदागरों के खिलाफ की गई कार्रवाई के चलते शासन ने बढ़ाया दायित्व

Share

इन्द्रजीत सिंह मौर्य की रिपोर्ट

नशे के सौदागरों के खिलाफ की गई कार्रवाई के चलते शासन ने बढ़ाया दायित्व

नशे के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का कर चुके हैं खुलासा

बलिया के सहारे बिहार तक नशे के सौदागरों पर कसी जाएगी नकेल

जौनपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में अगर कर्मठ, ईमानदार और कर्तव्य निष्ठ अधिकारियों की चर्चा होती है तो उसमें उत्तर प्रदेश के औषधि प्रशासन विभाग में तैनात जौनपुर के जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय का नाम सबसे पहली पंक्तियों में रहता है।
जी हां पूर्वी यूपी के जनपदों में यह अकेले अधिकारी हैं जिन्होंने जौनपुर जैसे बड़े भौगोलिक क्षेत्रफल और भारी भरकम आबादी वाले इस जिले में कार्यभार ग्रहण करते ही नशे के बड़े रसूखदार सौदागरों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया ।
अपने चंद महीने के कार्यकाल में उन्होंने जनपद जौनपुर के नगर कोतवाली में 22 मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । जिन्होंने लाइसेंस नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कोडिंन कफ सिरप का प्रयोग नशे के रूप में प्रयोग कर किया था। इस दौरान अंतर राष्ट्रीय नशे के तस्करों के गिरोह का खुलासा किया गया। इतना ही नही तस्करी से उनके द्वारा जुटाई गई करोड़ों की संपत्तियां भी अब जप्त किए जाने की कवायद भी शुरू हो गई है।

यही वजह है कि प्रदेश शासन ने उन्हें जौनपुर के साथ ही बलिया जैसे चर्चित जनपद का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया। दरअसल इस चार्ज देने के पीछे प्रदेश सरकार की मंशा साफ है क्योंकि बिहार जनपद से सटे इस जिले में कोडिंन कफ सिरप से लेकर नशे के बड़े सौदागरों का समूचा जंजाल फैला हुआ है । ड्रग माफियाओं के बेहद ही तगड़े जंजाल को तोड़ना भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
हालांकि जौनपुर में तैनाती के दौरान उनके सामने तमाम दुश्वारियां भी आई। बड़े ड्रग माफियाओं के साथ ही कुछ सफेदपोश नशे के सौदागरों से उन्हें हिदायत भी मिली।
बावजूद इसके उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाई जा रहे जीरो टालेन्स की नीति के अभियान को जारी रखा।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जौनपुर के औषधि निरीक्षक रजत पांडेय को अब बलिया जिले का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
यह निर्णय बलिया के पूर्व औषधि निरीक्षक सिद्धेश्वर शुक्ल के गोरखपुर स्थानांतरण के बाद लिया गया है।
यह भी दिलचस्प बात है कि जनपद इटावा में प्रथम नियुक्ति के दौरान प्रदेश सरकार ने रजत कुमार पांडेय को उस समय फर्रुखाबाद का अतिरिक्त चार्ज दिया था।
जिसमें उन्होंने इटावा और फर्रुखाबाद जिले में दवाओं के अवैध रूप से तस्करी करने वाले कई बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए लाखों रुपए की अधोमानक और नकली दवाएं भी जप्त किया था।
इस संबंध में शनिवार को जौनपुर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर मुझे बलिया जनपद का अतिरिक्त चार्ज मिला है। मंगलवार को वहां जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद कार्यभार ग्रहण करेंगे।

About Author