September 2, 2026

Jaunpur news ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज खंगाला

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इन्द्रजीत सिंह मौर्य की रिपोर्ट

ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज खंगाला

एडीएम प्रशासन के निर्देश पर केराकत पहुंची जिला औषधि निरीक्षक की टीम

जौनपुर। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व परमानंद झा के निर्देशों के क्रम में जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने केराकत क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का बुधवार को आकस्मिक निरीक्षण किया।
केराकत नगर के अलावा सरकी बाजार, पतरही, चंदवक, थानागद्दी इलाके में अधिकारियों की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई किया तो पूरे इलाके में जबरदस्त हड़कंप मच गया। इस दौरान टीम का नेतृत्व कर रहे जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने सभी दवा विक्रेता को बताया कि
यह कार्रवाई वर्षा ऋतु के मद्देनजर जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता, दवाओं की गुणवत्ता और उनके सुरक्षित रख-रखाव (स्टोरेज) को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।
निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक हितों को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर के थोक और फुटकर विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए कि कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक , फार्मासिस्ट किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों में लिप्त न हो।
अगर किसी के खिलाफ किसी कोई शिकायत पाई जाती है तो बहुत ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीआई रजत पांडेय ने कृष्णा मेडिकल स्टोर सरकी बाजार, प्रकाश ड्रग्स स्टोर सरकी, और राहुल मेडिकल एंड जनरल स्टोर केराकत के यहां निरीक्षण के दौरान साफ सफाई रखने का विशेष निर्देश दिया ।
यह भी निर्देशित किया कि अपने-अपने प्रतिष्ठान, गोदाम पर सीसीटीवी कैमरा पूरी जिम्मेदारी के साथ लगे जहां नहीं लगा था उन्हें हिदायत दी गई और खुद मामले की गंभीरता को देखते हुए कई दुकानों के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए।
जिला औषधि निरीक्षक श्री पांडेय ने बताया कि निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। इसे ‘ड्रग्स रूल्स 1945’ के नियम 65 के तहत आगामी वैधानिक कार्रवाई और अनुपालन के लिए उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है।

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इन प्रमुख प्रतिष्ठानों की जांच की गई

जौनपुर। जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने सभी मेडिकल स्टोर स्वामियों और फार्मासिस्टों को ‘ड्रग्स रूल्स 1945’ का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि प्रत्येक दवा की बिक्री पर ग्राहकों को पक्का बिल अनिवार्य रूप से जारी किया जाए। इसके साथ ही, थोक एजेंसियों से दवा खरीदते समय केवल लाइसेंस प्राप्त फर्मों से ही खरीद बिल लिया जाए और किसी भी अनधिकृत फेरीवाले या वेंडर (हॉकर्स) से दवाएं न खरीदी जाएं। मरीजों को दवा देने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) की जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

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