Jaunpur news सपने पूरे करने के लिए मुम्बई का सफर जरुरी, खेती से नहीं होता गुजारा

IMG-20261012-WA0045
Share

सपने पूरे करने के लिए मुम्बई का सफर जरुरी, खेती से नहीं होता गुजारा
मछलीशहर। स्थानीय तहसील क्षेत्र का जंघई रेलवे स्टेशन। वैसे तो जंक्शन होने के कारण यहां कई जगह के लिए ट्रेने आती जाती हैं और आने जाने वाली ज्यादातर ट्रेनों का ठहराव भी है लेकिन मुम्बई जाने वाली ट्रेनों के आने पर यात्रियों और उन्हें छोड़ने आये स्वजनों के चेहरों पर दूर जाने की निराशा साफ झलकती है। वैसे यह रेलवे स्टेशन जौनपुर में पड़ता है लेकिन सीमावर्ती होने के कारण भदोही और प्रयागराज जनपद के ग्रामीण इलाकों के लोग ट्रेन पकड़ने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं। जनपद के ग्रामीण इलाकों में सरकारी नौकरी सबकों मिलना सम्भव है नहीं और तेजी से बढ़ी जनसंख्या ने पुरानी जोतों के आकारों के टुकड़े -टुकड़े कर दिये।इस स्टेशन के इर्द-गिर्द गांवों में रहने वाले ज्यादातर किसान सीमांत किसान हैं। यहां किसान मुख्य रुप से गेहूं धान की खेती करते हैं और उत्पादन भी अच्छा है लेकिन लागत इतनी अधिक है कि गेहूं धान की खेती से लम्बा लाभ नहीं कमाया जा सकता है। वैसे तो सरकारी नौकरियों के मामले में पूरे प्रदेश में जौनपुर का एक विशेष स्थान है लेकिन पद इतने कम हैं कि कुल युवा आबादी के दो चार प्रतिशत भी सरकारी नौकरी नहीं पा पातें हैं। ऐसे में ज्यादातर युवा रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र और गुजरात के बड़े शहरों की ओर रुख करते हैं। सबसे ज्यादा लोग मुम्बई ही जाते हैं।कहा तो यहां तक जाता है कि मुम्बई में 40 से 50 लाख तक उत्तर भारतीय रहते हैं जिनमें से हर छठवां व्यक्ति जौनपुर से ही है लेकिन यह कहां तक सही है इसके आधिकारिक आंकड़े नहीं उपलब्ध हैं। मुम्बई जाने का सबसे बड़ा कारण नकदी खेती न हो पाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिल पाना है। यहां से जाने पर युवा फैक्ट्रियों में मजदूरी,आटो और टैक्सी ड्राईवर,होटल इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट,रियल एस्टेट, स्वरोजगार और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन तथा बड़े व्यवसाय और कम्पनी संचालन का कार्य करते हैं। मुंबई रहने वाले बामी गांव निवासी आशीष गौतम बांद्रा में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के काम में लगे हैं।कठार गांव निवासी अंकित सिंह यहीं से बी टेक कर अच्छे पैकेज पर काम कर रहे हैं।इन सबके बावजूद सबको घर दूर रहने का मलाल है ही। पिछले कुछ वर्षों में मछलीशहर के इन ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के मुम्बई के माइग्रेशन को रोकने में कोई ठोस पहल नहीं हुई।जो सबसे प्रमुख तब्दीली हुई है,मछलीशहर वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने से स्टेशन तक आना जाना आसान हुआ है और जंघई रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में वृद्धि हुई है लेकिन स्थानीय स्तर पर रोजगार का मूल प्रश्न वहीं का वहीं पड़ा है।