Jaunpur news UPI लेनदेन पर शुल्क व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में चिंता, सरकार पारदर्शिता और राहत सुनिश्चित करे : आरिफ हबीब
UPI लेनदेन पर शुल्क व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में चिंता, सरकार पारदर्शिता और राहत सुनिश्चित करे : आरिफ हबीब
जौनपुर। UPI ने देश के व्यापार और आम जनजीवन को तेज, सरल और डिजिटल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े व्यापारी तक आज डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर निर्भर हैं। ऐसे में UPI लेनदेन से जुड़ी नई MDR व्यवस्था को लेकर व्यापारियों के हितों और इसकी स्पष्टता पर गंभीरता से विचार किया जाना आवश्यक है।
समाजवादी पार्टी जौनपुर के जिला महासचिव आरिफ हबीब ने कहा कि सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) UPI लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान भी MDR से मुक्त रहेंगे। छोटे व्यापारियों के लिए भी निर्धारित श्रेणी में ₹1 लाख प्रतिमाह तक के UPI भुगतान पर शून्य MDR की व्यवस्था जारी रहेगी। वहीं ₹2,000 से अधिक के कुछ व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि UPI को बढ़ावा देने में देश के व्यापारियों की बड़ी भूमिका रही है। इसलिए किसी भी प्रकार की नई लागत का बोझ सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से व्यापारियों पर पड़ता है तो उसका असर छोटे कारोबार, खुदरा व्यापार और ग्राहकों तक पहुंच सकता है।
आरिफ हबीब ने कहा कि MDR को ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं है और बैंकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि व्यापारी यह शुल्क ग्राहक पर न डालें। इसलिए व्यापारियों को भी इस व्यवस्था की सही जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम या गलत वसूली की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापारियों के लिए UPI को सरल, पारदर्शी और न्यूनतम लागत वाली भुगतान व्यवस्था बनाए रखा जाए तथा छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर किसी भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब ग्राहक, व्यापारी, बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां—सभी के हितों के बीच संतुलन कायम रहे।
