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चढ़ावे में चढी इतनी घंटियां कि घंटियों से ही बन गया मंदिर

मछलीशहर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के मछलीशहर वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोधना बाजार के पास पीपल के पेड़ के नीचे पहलवान साहब का चबूतरा और बहुत छोटा सा मंदिर है। स्थानीय लोगों द्वारा मन्नतें मांगी जाती रहीं और पूरी होने पर घंटे और घंटियां चढ़ाई जाती रहीं। पहले तो पीपल के पेड़ में घंटियां बाधी जाती रही।जब पीपल की डालियां घंटियों से भर गईं तब लोगों ने परिसर के बाहर लोहे के स्टैंड में घंटी और घंटे टांगना शुरू किया।जब स्टैंड भी फुल हो गये तब अब घंटे और घंटियों को पीपल के ऊपर फ्रेम बनवाकर उसमें घंटियों को सजाया जा रहा है और वह सुंदर मंदिर स्वरूप में दिखाई दे रहा है और इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने जाने वालों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।इस मंदिर पर गोधना, चौकी खुर्द, चौकी कला,बामी, मोलनापुर, भटेवरा,अदारी,अगहुआ, चितांव,जरौना, जगदीशपुर आदि गांवों के अलावा दूर दूर से श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने पर चढ़ावा चढ़ाने आते रहते हैं। मंदिर में दर्शन करने आये बामी गांव निवासी राजीव सिंह ने बताया कि वह सुबह इधर से गुजरते हैं। मंदिर पर मत्था टेकते हैं।कई बार इस परिसर से घंटियां चोरी भी हुईं लेकिन चढ़ावें में इतनी घंटियां और घंटे चढ़ रहें हैं कि पूरा पीपल का पेड़ घंटे और घंटियों से गुथ गया है।गोधना गांव निवासी सुनील कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि यहां एक क्विंटल से लेकर 100 ग्राम तक के घंटे और घंटियां हैं। प्रयागराज जनपद के हंडिया से पूजा करने आये मुल्क राज आनंद ने बताया कि उनके भी क्षेत्र से लोग यहां पूजा पाठ करने आते रहते हैं।