Jaunpur news मछलीशहर मिनी स्टेडियम की बदहालीमिनी स्टेडियम बना झाड़ियों का अड्डा, दौड़ना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल
मछलीशहर मिनी स्टेडियम की बदहाली
मिनी स्टेडियम बना झाड़ियों का अड्डा, दौड़ना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल
जौनपुर मछलीशहर । खिलाड़ियों और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए भटेवरा गांव स्थित मिनी स्टेडियम की हालत इन दिनों बदहाल नजर आ रही है। मैदान में चारों तरफ ऊंची-ऊंची घास और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे मैदान का अधिकांश हिस्सा दिखाई तक नहीं देता। ऐसे में यहां खेल अभ्यास करना तो दूर, मैदान में प्रवेश करना भी जोखिम से खाली नहीं है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक लंबे समय से मैदान की नियमित सफाई नहीं होने के कारण झाड़ियां काफी बढ़ गई हैं। घने झाड़-झंखाड़ के बीच जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है। यही वजह है कि स्टेडियम में आने वाले बच्चे और युवा खेल गतिविधियों से दूरी बनाने लगे हैं।
यह मिनी स्टेडियम मछलीशहर विकासखंड के अंतर्गत आता है और आसपास के भटेवरा, कठार, ऊंचडीह, बामी और चितांव समेत कई गांवों के बच्चे व युवा यहां खेलने पहुंचते हैं। स्टेडियम में खेल सामग्री भी उपलब्ध है, जिसे मांगने पर पीआरडी जवानों द्वारा उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन मैदान की खराब स्थिति के कारण खेल सामग्री होने के बावजूद उसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है।
टूटी बाउंड्री और बंद पड़ा ओपन जिम
स्टेडियम की पश्चिमी दिशा की बाउंड्री वॉल भी क्षतिग्रस्त होकर धराशायी हो चुकी है। वहीं परिसर में बना ओपन जिम भी मौजूद है, लेकिन चारों तरफ उगी झाड़ियों और गंदगी के चलते लोग इसका इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेडियम में पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगती है, लेकिन नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रही है। लोगों का सुझाव है कि चूंकि यह ब्लॉक स्तरीय स्टेडियम है, इसलिए मछलीशहर विकासखंड में तैनात ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समूहवार ड्यूटी लगाकर समय-समय पर परिसर की सफाई कराई जा सकती है।
खेल मैदान की बदहाली पर उठ रहे सवाल
खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए इस स्टेडियम की मौजूदा स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। खासकर ऐसे समय में जब ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों और युवाओं को खेल के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने की जरूरत है, मैदान का इस तरह झाड़ियों से घिरा होना चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से स्टेडियम की तत्काल सफाई कराने, टूटी बाउंड्री की मरम्मत कराने और ओपन जिम समेत खेल सुविधाओं को दोबारा उपयोग योग्य बनाने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को सुरक्षित माहौल में खेलकूद का अवसर मिल सके।

